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नन गैंगरेप कांड की होगी सीबीआई जांच

Wed, 18 Mar 2015 07:53 PM IST
ब्यूरो, एजेंसी/अमर उजाला, कोलकाता, नई दिल्ली
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पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में नन से गैंगरेप की घटना में किसी अभियुक्त का सुराग लगाने में नाकाम रही राज्य सरकार ने बुधवार को इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का फैसला किया। घटना के चार दिन बाद लिए गए इस फैसले की जानकारी खुद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दी। इस बीच राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर इस पूरे मामले में रिपोर्ट मांगी है।
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कैथोलिक बिशप्स कांफ्रेंस ऑफ इंडिया के अध्यक्ष कार्डिनल बेसिलियस क्लीम्स ने भी बुधवार को रानाघाट का दौरा कर पीड़िता से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस मामले में नन को न्याय मिलना चाहिए और अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाना चाहिए। क्लीम्स ने बाद में कोलकाता में मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की।

ममता ने कहा कि मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना बांग्लादेश से लगी सीमा के नजदीक हुई है। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सीबीआई को जांच में हरसंभव सहयोग और सहायता मुहैया कराने का भरोसा दिया। अपनी एक फेसबुक पोस्ट में मुख्यमंत्री ने कहा कि 14 मार्च को रानाघाट में घटी उक्त घटना काफी गंभीर है।
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पुलिस प्रशासन को अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए थे। पुलिस व सीआईडी भी इस मामले की तह तक जाने का पूरा प्रयास कर रही है। रानाघाट स्थित कान्वेंट में लूटपाट के बाद डकैतों के एक गिरोह ने 71 वर्ष की एक नन के साथ सामूहिक बलात्कार किया था। मामले में अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन मुख्य अभियुक्तों का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
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आसान नहीं है सीबीआई की राह

नदिया जिले में नन के साथ हुए गैंगरेप मामले की जांच सीबीआई को सौंपकर ममता बनर्जी सरकार ने भले ही अपना पल्ला झाड़ लिया हो, लेकिन सीबीआई के लिए इस जांच की राह आसान नहीं है। इस घटना के बाद पांच दिनों का समय बीत गया है और अभियुक्त को फरार होने के लिए काफी समय मिल चुका है। ऐसे में इस मामले को सुलझाने से पहले सीबीआई के अफसरों को काफी पसीना बहाना पड़ सकता है।

सीबीआई को इसकी जांच सौंपने से यह साफ है कि घटना उतनी सीधी नहीं है जैसी नजर आती है। यह एक सामान्य लूटपाट और बलात्कार की घटना की जगह एक सुनियोजित साजिश भी हो सकती है। सीबीआई सूत्रों ने आशंका जताई कि अभियुक्त अब तक पड़ोसी बांग्लादेश भाग गए होंगे। घटनास्थल से बांग्लादेश की सीमा ज्यादा दूर नहीं है। एक अधिकारी ने कहा कि कई राज्यों में ईसाइयों पर हमले की प्रायोजित घटनाएं हुई हैं ताकि सरकारों को नीचा दिखाया जा सके।

सीबीआई के सामने इस बात का पता लगाने की कठिन चुनौती है कि इस घटना का मकसद क्या था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अभियुक्त इस घटना के बाद लगभग एक घंटे तक मौके पर थे। इससे साफ है कि वे वहां सबूतों को मिटाने का प्रयास कर रहे थे। खुफिया विभाग के मुताबिक, बांग्लादेश जाने के अलावा उनके किसी दूसरे राज्य में छिपने की संभावना भी बनी हुई है।
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