राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) घोटाला मामले में अहम गवाहों के बयान दर्ज कराने में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को आड़े हाथ लिया है। कोर्ट ने जांच एजेंसी को यह काम तीन महीने के भीतर करने का आदेश दिया है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा भी आरोपी हैं।
बुधवार को कुशवाहा की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली पीठ ने अहम गवाहों के बयान दर्ज कराने में हो रही देरी पर नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर तीन महीने में इस काम को पूरा नहीं किया गया तो ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपियों को जमानत दी जा सकती है।
पीठ ने सुनवाई के दौरान सीबीआई को फटकार लगाते हुए कहा कि यह प्रक्रिया अंतहीन तरीके से नहीं चल सकती। इसे कतई स्वीकार नहीं किया जा सकता।