सीबीआई ने अमेरिका, चीन और रोमानिया की एजेंसियों के साझा ऑपरेशन में देश के चार हैकिंग ठिकानों पर छापेमारी की।
देश में पहली बार हुई ऐसी कार्रवाई में पैसे के लिए दूसरे के एकाउंट और ई-मेल हैक करने के बड़े रैकेट का पर्दाफाश हुआ है। सीबीआई को शक है कि भारत में बैठे कुछ हैकर्स ने आईपीएल टूर्नामेंट और देश की सुरक्षा से जुड़े लोगों के एकाउंट भी हैक किए हैं।
इस मामले में अब तक दो एफआईआर दर्ज की गई हैं। सीबीआई के साथ ही इसी तरह की कार्रवाई चीन, अमेरिका और रोमानिया में भी की गई है।
एक भारतीय इंजीनियर के हैकर होने का शक
छापेमारी के बाद पुणे के तेज तर्रार और पेशे से इंजीनियर हैकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। 31 साल के अमित विक्रम तिवारी नाम के इस हैकर की खासियत है कि यह किसी भी एकाउंट का पासवर्ड आसानी से पता कर सकता है।
हालांकि सीबीआई पूरी जांच के पहले पक्के तौर पर कुछ भी नहीं बोल रही। सीबीआई के मुताबिक सीबीआई को अमेरिकी एजेंसी एफबीआई, चीन की मिनिस्ट्री ऑफ पब्लिक सिक्योरिटी और रोमानिया की एजेंसी कॉम्बैटिंग ऑर्गनाइज्ड क्राइम ने सरकार को उनके देश में हो रही ऐसी हैकिंग की जानकारी दी जिनके तार भारत से जुड़े थे।
भारत की ओर से सीबीआई इस मामले पर करीब पांच महीने से काम कर रही थी।
काफी शातिर है गिरफ्तार इंजीनियर
छापेमारी में गिरफ्तार पुणे का इंजीनियर अमित विक्रम तिवारी काफी शातिर है। 31 वर्षीय इस हैकर की खासियत है कि यह किसी भी एकाउंट का पासवर्ड बड़ी आसानी से पता कर सकता है। इस काम के लिए अमेरिका स्थित सर्वर का इस्तेमाल किया जाता था।
इन संदिग्ध हैकरों ने अब तक 900 से भी ज्यादा एकाउंट हैक किए हैं। इनमें 171 भारतीय हैं और बाकी विदेशी एकाउंट हैं। हर हैकिंग और पासवर्ड बताने के लिए 15 से 30 हजाए रुपये लिया करता था। विदेशी ग्राहकों से पेमेंट डॉलर में।
गाजियाबाद का एक शख्स शक के घेरे में
सीबीआई इस मामले पर करीब पांच महीने से काम कर रही थी। जांच एजेंसी के मुताबिक गाजियाबाद का एक शख्स भी शक के घेरे में है। यह व्यक्ति पहले तिवारी का ग्राहक था और बाद में इस धंधे जुड़ गया।