सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा ने राजनीतिक तौर पर संवेदनशील जांच की जानकारी मीडिया में लीक करने वाले अपने अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला किया है।
सिन्हा ने मुलायम सिंह यादव व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की आय के अधिक संपत्ति (डीए) मामले की गलत जानकारी देने वाले अधिकारी को खोज निकालने का आदेश दे दिया है। साथ ही उन्होंने इसके लिए एक आंतरिक जांच टीम गठित कर दी है।
सिन्हा ने कहा कि दोषी पाए जाने पर अधिकारी को तुरंत निलंबित कर दिया जाएगा। सिन्हा के मुताबिक अखिलेश-मुलायम डीए केस में उन्होंने अब तक कोई फैसला नहीं लिया है।
इनके खिलाफ इकट्ठा सुबूतों का विश्लेषण होना बाकी है, लेकिन अखबारों में गलत खबर देकर जांच को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
गौरतलब है कि मीडिया में पिछले तीन दिनों से खबर आ रही है कि सीबीआई निदेशक ने अखिलेश-मुलायम के खिलाफ डीए केस को खत्म करने का फैसला ले लिया है।
सिन्हा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के पिछले आदेश के मुताबिक अखिलेश की पत्नी डिंपल यादव का नाम केस से हटा लेने के बाद जांच की प्रकृति बदल गई है।
डिंपल का नाम इसलिए हटाया गया, क्योंकि वह एक गैर सरकारी व्यक्ति हैं। सिन्हा के मुताबिक इस परिवार की ज्यादातर संपत्ति डिंपल के नाम पर है। लिहाजा उनके हट जाने से पिता-पुत्र के खिलाफ सुबूतों में फर्क आ गया है।
सिन्हा ने कहा कि इस मामले में मुलायम सिंह और अखिलेश यादव के पूछताछ की गई है। आरोपियों से पूछताछ सीबीआई जांच का मूलभूत पहलू है। इसलिए किसी आरोपी से पूछताछ नहीं करने का सवाल ही नहीं उठता है।