बिहार के बोधगया धमाकों की जांच में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब इन खुलासों में एक नया तथ्य सामने आया है।
धमाकों में इस्तेमाल किए गए बमों में लगे टाइमर गुजरात में बने थे, जिसे गुवाहाटी के एक दुकान से खरीदा गया था। धमाकों की छान-बीन कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से जुडे़ सूत्रों ने यह जानकारी दी।
7 जुलाई को सुबह हुए दस बम धमाकों में दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए थे। जबकि तीन बम नहीं फट सके थे। इनकी जांच से यह जानकारी सामने आई है कि धमाकों में इस्तेमाल किए गए बमों में टाइमर फिट किए गए थे।
ये बम गुजरात के राजकोट में बनाए गए थे। यहां बने ढेर सारे टाइमर गुवाहाटी भेजे गए थे, जिनमें से कुछ को एक दुकान से खरीदा गया था।
हालांकि सूत्रों ने इन धमाकों में स्थानीय तत्वों का हाथ होने से इंकार नहीं किया है। उन्होंने संभावना जताई है कि बमों से बंधे सिलेंडरों को बिहार में ही स्थानीय स्तर पर हासिल किए गए।
सूत्रों ने धमाकों में म्यांमार के रोहिंग्या मुसलमानों के हाथ होने की संभावना को खारिज किए जाने से इंकार करते हुए कहा कि जांच एजेंसी ने विस्फोटकों को ले जाने में मंगोलियाई शक्लों वाले लोगों के हाथ होने के पर्याप्त संकेत दिए हैं।