अगले लोकसभा चुनाव के लिए यूपीए सरकार की गेमचेंजर योजना कैश सब्सिडी को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हर हाल में अमलीजामा पहनाने की ठान ली है। चुनाव आयोग के ऐतराजों के बावजूद सरकार ने पहली जनवरी से नगद सब्सिडी के सीधे खाते में भुगतान का आगाज करने की तैयारियों को तूफानी रफ्तार दे दी है। इस योजना पर उठाए जा रहे सवालों और विपक्ष के विरोध को दरकिनार करते हुए प्रधानमंत्री ने इसके लिए मंगलवार को नगद सब्सिडी के भुगतान संबंधी राष्ट्रीय समिति की बैठक बुलाई है।
इस बैठक में एक जनवरी से देश के 51 जिलों में शुरू हो रही योजना की तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। इस बैठक से पहले पीएमओ ने केंद्र सरकार के उन तमाम महकमों से रिपोर्ट मंगाई है, जिसमें केंद्रीय सहायता के तहत तमाम लोगों विशेषकर बीपीएल परिवारों को नकद सहायता दी जाती है। इसमें तमाम वर्गों के छात्रों को दी जाने वाली स्कालरशिप को भी शामिल किया गया है। माना जा रहा है कि इस योजना के तहत वर्ष 2013 के अंत तक यूपीए सरकार हर बीपीएल और एपीएल परिवार के खाते में केंद्र की तमाम योजनाओं की नगद सहायता देगी। यूपीए का आकलन है कि इसके तहत हर परिवार को साल में करीब 25 से 30 हजार रुपये नगद सब्सिडी मिलेगी।
कांग्रेस को उम्मीद है कि 2009 के लोकसभा चुनाव में किसानों की कर्ज माफी से भी बड़ी इस योजना का सियासी फायदा जाहिर तौर पर उसको 2014 के चुनाव में मिलेगा। इसीलिए कांग्रेस ने इस योजना की सियासी फसल काटने के लिए राहुल गांधी की अगुवाई में पहले ही पूरी तैयारी शुरू कर दी है। अभी पिछले हफ्ते ही राहुल ने उन 51 जिलों के कांग्रेस अध्यक्षाें की बैठक बुलाई थी जहां एक जनवरी से यह योजना लागू की जा रही है। ‘आपका पैसा आपके हाथ’ के लुभावने नारे के साथ कांग्रेस यूपीए सरकार के इस सियासी तोहफे का चुनावी फायदा उठाने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कैश सब्सिडी के सीधे भुगतान के लिए केंद्र सरकार आधार पहचान नंबर को जरिया बना रही है। इसके लिए आधार कार्ड पंजीकरण को तेज करने के लिए भी तमाम सरकारी महकमों को प्रधानमंत्री कार्यालय से निर्देश भेजा गया है।