प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन सी रंगराजन ने कहा कि विकास की रफ्तार में पीछे छूट गए राज्यों को दूसरे राज्यों के समकक्ष खड़ा करने के लिए बचत और निदेश दर में तेजी लाने की जरूरत है।
दिल्ली इकोनॉमिक कॉनक्लेव में ‘विकास में तेजी’ विषय खासकर तमिलनाडु के संदर्भ में सेटेलाइस सत्र में उन्होंने कहा कि विकास के मानदंडों पर पीछे रहे राज्यों ने तेजी से विकास कर रहे राज्यों का साथ पकड़ा है। लेकिन, कनवर्जेंस की यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि सुस्त राज्यों पर तेजी से विकास की रफ्तार हासिल करने का दबाव डालना चाहिए।
देश में निवेश के माहौल में तेजी लाने पर जोर देते हुए रंगराजन ने बताया कि कुछ साल पहले देश में निवेश दर जीडीपी की 38 फीसदी थी, जो आर्थिक माहौल बिगड़ने से लुढ़क गई। उन्होंने कहा कि निवेश के माहौल को दोबारा से बेहतर बनाने के लिए संसाधनों के समुचित उपयोग, कैपिटल आउटपुट दर में बढ़ोतरी और पूंजी जुटाने की गतिविधियों में तेजी आने की जरूरत है।
खासतौर से तमिलनाडु में विकास की अनिवार्यता का उदाहरण देते हुए रंगराजन ने कहा कि बिजली की सुस्त आपूर्ति और पानी उपलब्धता की स्थिति आने वाले दिनों राज्य के विकास में मुश्किलें पैदा सकती है। उन्होंने सुझाव दिया कि इन प्रमुख आवश्यकताओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने चाहिए।