सीबीआई ने स्पेशल फ्रंटियर फोर्स (एसएफएफ) के लिए ऊंचाई वाले स्थानों पर लगाए जाने वाले टेंट की खरीद में कथित अनियमितता के मामले में रिसर्च एंड एनैलसिस विंग यानी रॉ के बेनाम अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज करवाया है।
इस मामले में साईं बाबा बिल्डर्स के तीन निदेशकों, टेंट की आपूर्ति करने वालों और कैबिनेट सचिवालय के बेनाम अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।
सीबीआई ने बुधवार को दिल्ली और कोलकाता में साईं बाबा बिल्डर्स के निदेशकों श्याम सुंदर भटेर, मंजरी और जेपीएन सिंह के तीन ठिकानों पर छापेमारी भी की। चीन के साथ लड़ाई में छुपकर वार करने के लिए गठित एसएफएफ दुर्गम ऊंचे पहाड़ों पर ठिकाना बनाने के लिए विशेष प्रकार के टेंट का इस्तेमाल करता है।
करीब 22 करोड़ रुपये के टेंट खरीद सौदे में कैबिनेट सचिवालय और एसएफएफ के अधिकारियों ने वर्ष 2009 से 2013 के बीच बाबा बिल्डर्स एंड कंसलटेंट नाम की कंपनी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की।
सूत्रों के मुताबिक कैबिनेट सचिवालय के बेनाम अधिकारी दरअसल विदेशों में काम करने वाली खुफिया एजेंसी रॉ के अधिकारी हैं। एसएफएफ सीधे तौर पर रॉ के तहत काम करता है।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इस संबंध में जांच के लिए कहे जाने के बाद सीबीआई मामले की जांच कर रही है। रॉ ने इस मामले की आंतरिक जांच करवाई थी जिसमें अनियमितता के बारे में पता चला।
रॉ की रिपोर्ट पीएमओ के भेजी गई उसके बाद पीएमओ ने इसे आगे की जांच के लिए सीबीआई के पास भेज दिया था। वर्ष 1962 में भारत-चीन के बीच युद्ध के बाद स्पेशल फ्रंटियर फोर्स का गठन किया गया था, जो रॉ के लिए विशेष ऑपरेशन चलाता है।