जजों की नियुक्ति संबंधी मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बयान देकर केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली फंस गए हैं। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के कुलपहाड़ के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उनके बयान को लेकर छपी खबरों का स्वत: संज्ञान लेते हुए कोर्ट में मुकदमा दर्ज किया है।
समन जारी कर केंद्रीय मंत्री को 19 नवंबर को न्यायालय में तलब किया गया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट कुलपहाड़ अंकित गोयल ने आदेश में लिखा है कि माननीय कोर्ट के किसी भी आदेश के विरुद्ध टिप्पणी करने का किसी व्यक्ति को अधिकार नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश को लेकर जेटली द्वारा की गई टिप्पणी भ्रामकता फैलाने वाली प्रतीत होती हैं। इस विवेचन के आधार पर उनका कृत धारा 124ए, 505 आईपीसी के अंतर्गत आता प्रतीत होता है। इस मामले में यह कोर्ट धारा 190(1)(सी) सीआरपीसी में प्रसंज्ञान लेती हैं।