भारत के असैन्य परमाणु कार्यक्रम को मंगलवार को उस वक्त महत्वपूर्ण सफलता मिली, जब कनाडा उसे परमाणु रिएक्टर और परमाणु ईंधन की आपूर्ति करने पर राजी हो गया। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच 36 वर्ष से जारी परमाणु असहयोग का दौर खत्म हो गया।
भारत की यात्रा पर आए कनाडा के प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर ने भारतीय पीएम मनमोहन सिंह से असैन्य परमाणु सहयोग सहित विभिन्न द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत की। उसके बाद जारी संयुक्त वक्तव्य में कहा गया कि कनाडा से परमाणु रिएक्टर एवं परमाणु ईंधन हासिल करने के बारे में एक समझौते पर सहमति बनी है।
परमाणु कारोबार को हरी झंडी दिखाने संबंधी आधिकारिक घोषणा जल्द ही जारी की जाएगी। इससे पहले कारोबार पर निगरानी रखने के लिए एक संयुक्त समिति बनेगी। वर्ष 1974 में पोखरण में परमाणु विस्फोट के बाद कनाडा ने 1976 में भारत के साथ परमाणु सहयोग बंद कर दिया था।