देश में चुनावी एक्जिट पोल पर बैन लगाने की तैयारी चल रही है। इसको लेकर देश के ऍटार्नी जनरल ने केन्द्र सरकार से कानून में संशोधन करने को कहा है।
चुनावों के दौरान होने वाले चुनावी एक्जिट (पोल) सर्वेक्षण पर रोक लगाने को लेकर कानून में संशोधन करने को कहा है।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक भारत सरकार के एटॉर्नी जनरल गूलम ई वाहनवती ने सरकार से चुनावों के समय होने वाले चुनावी सर्वेक्षण को रोकने को लेकर कानून में संशोधन करने की बात कही है।
इससे पहले भारतीय निर्वाचन आयोग ने भी सरकार से इस बाबत नया कानून बनाने की बात कही थी।
पर सरकार के लिए बड़ी समस्या यह है कि इस मुद्दे पर पहले के एटॉर्नी जनरल सोली सोरबजी ने 08 अप्रैल, 2004 को अपने फैसले में कहा था कि चुनावी सर्वेक्षण पर रोक लगाना गैर संवैधानिक है। चुनावी सर्वेक्षण पर रोक लगाना अभिव्यक्ति की स्वंत्रता पर हमला होगा।
वर्ष 2004 में भाजपा शासित केन्द्र सरकार ने एक्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अध्यादेश लाने की बात कही थी। पर इस बात का विरोध उस समय के एटॉर्नी जनरल सोली सोरबाजी ने किया था।
वर्ष 1998 में भारतीय निर्वाचन आयोग ने एक्जिट पोल पर प्रतिबंध लगाने का प्रयास किया था। इसको लेकर गाइंड लाइंस भी जारी की गई थी।
चुनावी एक्जिट पोल के जरिए मतदाताओं के भ्रमित होने का तर्क दिया गया है।