हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए 10 अक्तूबर से शुरू हुआ प्रचार का सिलसिला शुक्रवार शाम पांच बजे थम जाएगा। राज्य में रविवार 4 नवंबर को सभी 68 विधानसभा क्षेत्रों के लिए मतदान होगा। इसमें करीब 46 लाख वोटर 459 प्रत्याशियों के भविष्य का फैसला करेंगे। इसके लिए चुनाव आयोग ने 7253 पोलिंग बूथ बनाए हैं।
हिमाचल में 10 अक्तूबर से नामांकन की प्रक्रिया शुरू हुई थी। इसी के साथ चुनाव प्रचार ने भी जोर पकड़ा। अब 2 नवंबर की शाम को प्रचार का शोर बंद हो जाएगा। राज्य में मुख्य मुकाबला जहां सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच है, वहीं हिलोपा, निर्दलीयों और अन्य दलों ने चुनाव को रोचक बना दिया है। इस बार भाजपा, कांग्रेस और निर्दलियों के अलावा भी 12 अन्य दल चुनाव मैदान में हैं।
सत्तारूढ़ भाजपा जहां मुख्यमंत्री धूमल की अगुवाई में मिशन रिपीट का दम भर रही है, वहीं कांग्रेस सत्ता में लौटने का दावा कर रही है। दोनों दलों के शीर्ष केंद्रीय नेता राज्य में चुनावी सभाएं कर चुके हैं, लेकिन दोनों ही दलों के लिए बागी प्रत्याशी निर्दलीय के रूप में परेशानी खड़ा कर रहे हैं। वर्तमान 11वीं विधानसभा में भाजपा के पास 44 और कांग्रेस के पास 23 विधायक हैं, जबकि बिलासपुर सदर की एक सीट खाली है।