टूजी घोटाले पर रिपोर्ट तैयार करने वाली कैग की टीम में शामिल रहे पूर्व ऑडिटर आरपी सिंह ने संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के सामने नया खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि मेरे वरिष्ठ अधिकारियों ने मुझसे विदेश में तैनाती के लिए फील्ड अफसर राजेंद्र कुमार के नाम की सिफारिश करने के लिए कहा था।
माना जाता है कि राजेंद्र कुमार ने कैग रिपोर्ट तैयार करने में अहम भूमिका निभाई थी। जेपीसी की बैठक के बाद कांग्रेस के कई सदस्यों ने इस सिफारिश को प्रलोभन करार दिया। इससे पहले जेपीसी के समक्ष आरपी सिंह ने कहा कि उन्होंने टूजी घोटाले में नुकसान का आकलन 36 हजार करोड़ रुपये दिया था, लेकिन कैग की अंतिम रिपोर्ट में 1.76 लाख करोड़ रुपये के नुकसान की बात कही गई।
सिंह ने कहा कि वह 1.76 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े से सहमत नहीं थे और यह बात उन्होंने अपने तत्कालीन वरिष्ठ अधिकारियों रेखा गुप्ता और आरबी सिन्हा को बताई थी। सिंह ने समिति को बताया कि पीएसी चेयरमैन मुरली मनोहर जोशी ने कैग अधिकारियों से टूजी रिपोर्ट पर बात की थी और नुकसान के आंकड़े पर भी चर्चा की थी। जोशी से उनके निवास पर मुलाकात करने वाले कैग अधिकारियों में आरपी सिंह भी शामिल थे।