केंद्रीय मंत्रिमंडल और कांग्रेस संगठन में होने वाले फेरबदल में उत्तर प्रदेश को तवज्जो मिलने की संभावना है। लिहाजा, यूपी से प्रतिनिधित्व को लेकर शीर्ष स्तर पर लॉबिंग शुरू हो गई है।
मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से प्रदेश के तीन नेताओं ने संगठन और केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह पाने की कोशिश में मुलाकात की। इनमें विधायक दल के पूर्व नेता प्रमोद तिवारी, सांसद जगदंबिका पाल और राजाराम पाल शामिल हैं।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले हफ्ते संकेत दिए थे कि वह आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल में खाली पदों को भरने का काम शुरू करेंगे।
उधर, राहुल गांधी की नई टीम का भी गठन होना है। जिससे संगठन में बड़े स्तर पर फेरबदल की बात है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल में आठ से नौ मंत्रियों के शामिल होने की संभावना है। जबकि केंद्रीय संगठन में महासचिव और सचिव स्तर पर कई पदाधिकारियों को बदले जाने की चर्चा है।
लिहाजा, अपनी जगह पक्की करने की कोशिश में लॉबिंग शुरू हो गई है। पार्टी हाईकमान भी चुनाव से पहले उत्तर प्रदेश के लोगों को जगह देकर राजनीतिक संदेश देना चाहता है।
ऐसे में प्रदेश के नेताओं ने पार्टी हाईकमान तक अपनी अर्जी लगानी शुरू कर दी है। प्रमोद तिवारी ने कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात के बाद कहा कि यह सिर्फ शिष्टाचार मुलाकात की थी।
दरअसल, विधायक दल के नेता की कुर्सी जाने के बाद से तिवारी के पास प्रदेश और केंद्र स्तर पर कोई जिम्मेदारी नहीं है, जबकि उनकी घोर विरोधी पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता बहुगुणा जोशी को आलाकमान ने प्रवक्ताओं की फौज में शामिल किया है।
उधर, जगदंबिका पाल और राजाराम पाल केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह पाने की जुगत में है।