देश की दो-तिहाई आबादी को जल्द ही सस्ता अनाज पाने का कानूनी हक मिलने जा रहा है। केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को खाद्य सुरक्षा विधेयक पर मुहर लगा दी। इसमें दो-तिहाई आबादी के हर व्यक्ति को प्रति माह पांच किलोग्राम अनाज 1 से 3 रुपये प्रति किलो की सस्ती दर पर मुहैया कराने का प्रस्ताव है।
वहीं, अन्न अंत्योदय योजना के तहत आने वाले बेहद गरीब 2.43 करोड़ परिवारों को हर माह 35 किलो अनाज पाने का कानूनी अधिकार होगा।
कैबिनेट की बैठक के बाद खाद्य मंत्री केवी थॉमस ने बताया कि संशोधित खाद्य विधेयक को मंजूरी दे दी गई है। हम शुक्रवार से पहले इस संशोधित बिल को संसद में पेश करने की कोशिश करेंगे।
उन्होंने बताया कि इस कानून के अमल में आने के बाद खाद्य सब्सिडी का बोझ 20 हजार करोड़ रुपये और बढ़ जाएगा, जबकि 612.3 लाख टन अनाज की जरूरत होगी।
उन्होंने कहा कि सभी लाभार्थियों के समान दामों पर अनाज मिलेगा, जिसमें चावल 3 रुपये किलो, गेहूं 2 रुपये किलो और मोटा अनाज 1 रुपये किलो मिलेगा। कानून लागू होने के तीन साल बाद दामों की समीक्षा की जाएगी।
मालूम हो कि पहले इस बिल के मसौदे में परिवारों को प्राथमिक और सामान्य की श्रेणी में बांटा गया था। प्राथमिक श्रेणी के परिवारों के हर व्यक्ति को सस्ती दरों पर सात किलो अनाज प्रति माह मुहैया कराने की बात थी।
जबकि सामान्य श्रेणी के परिवारों को कम से कम तीन किलो अनाज प्रति व्यक्ति प्रति माह समर्थन मूल्य की आधी कीमत पर देने की बात थी। लेकिन संसदीय स्थायी समिति ने परिवारों को दो श्रेणियों में बांटने का विरोध किया। उसने कहा था कि सभी को समान मूल्य पर पांच किलो अनाज मुहैया कराया जाना चाहिए।
दो-तिहाई आबादी को मिलेगा लाभ
हर व्यक्ति को हर माह पांच किलो मिलेगा अनाज, ये होंगी दरें
चावल 3 रुपये किलो
गेहूं 2 रुपये किलो
मोटा अनाज - 1 रुपये किलो
फिलहाल क्या है व्यवस्था
-बीपीएल और अन्य अंत्योदय परिवारों को मिलता है 35 किलो अनाज प्रति माह
-एपीएल परिवारों को मिलता है 15 किलो से 35 किलो अनाज
-अंत्योदय परिवारों को चावल 3 रुपये किलो, गेहूं 2 रुपये किलो मिलता है
-बीपीएल परिवारों को चावल 5.65 रुपये किलो और गेहूं 4.15 रुपये किलो मिलता है
-एपीएल परिवारों को चावल 8.30 रुपये प्रति किलो और गेहूं 6.10 रुपये प्रति किलो मिलता है