कुशीनगर, लखनऊ समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से पकड़े गए आईएसआईएस के 14 संदिग्ध आतंकियों को अब आमने-सामने बिठाकर पूछताछ की जाएगी।
अब तक इन सभी से अलग-अलग स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियां राज उगलवाने में लगी थीं। अब इन्हें दिल्ली ले जाने की तैयारी है। यहां एनआईए इनसे भारत में सात स्थानों पर हमले की साजिश, अन्य संपर्कों एवं उनके सीरिया जाने के बारे में पूछताछ करेगी।
सूत्रों के मुताबिक कुशीनगर के रिजवान को एनआईए दिल्ली ले गई है। अब तक उससे मुंबई एटीएस पूछताछ कर रही थी। बीते शुक्रवार को यूपी एटीएस ने कुशीनगर के कसया से रिवाजन को गिरफ्तार किया था।
इसी दिन रुड़की, हैदराबाद, बंगलूरू समेत अलग-अलग शहरों से 13 अन्य आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में ही उनके ऑपरेशन ‘सात कलश रख दो’ का खुलासा हुआ था। इन्हें देश में सात धमाके करने थे।
सभी आतंकियों को दिल्ली ले जाने की तैयारी
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि ये सभी आतंकी एक-दूसरे के संपर्क में थे। ई-मेल और वाट्सएप के जरिए आपस में बात करते थे। इतना ही नहीं इनमें से ज्यादातर आतंकी मिल भी चुके थे।
रिजवान, इखलाक, मेराज, ओसामा और मो. अजीमुद्दीन ने देवबंद में दो दिन साथ में बिताए थे। पुणे और गोवा में भी तीन आतंकियों की मुलाकात हुई थी।
बताया जाता है कि सीरिया के यूसुफ से सबसे ज्यादा बातचीत रिजवान से होती थी। सूत्रों का कहना है कि भारत पर हमले के बाद कुछ आतंकी जल्द ही सीरिया भी जाने वाले थे।
आईएसआई कनेक्शन की भी होगी पड़ताल
खुफिया एजेंसियों को जांच में पता चला है कि रिजवान समेत पकड़े गए 14 आतंकी सीरिया में यूसुफ उर्फ मो. सफी अरमार के संपर्क में थे। सूत्रों का कहना है कि अरमार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के संपर्क में भी है।
भारत में आईएसआईएस की सक्रियता बढ़ाने के लिए आईएसआई उसे पूरा सहयोग कर रही है। अरमार पहले आईएम के लिए काम करता था। उसने अपने भाई सुल्तान के साथ मिलकर अंसार-उल-तवाहिद अमलीजामा संगठन बनाया था।
बाद में वह आईएसआईएस के लिए काम करने लगा। पिछले पांच सालों से उसकी लोकेशन सीरिया, अफगानिस्तान, ओमान में मिलती रही है।