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विवादों की भड़की आग के बीच संसद का बजट सत्र आज से

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विवादास्पद मुद्दों की भरमार और इस पर चरम पर पहुंची सियासत के बीच संसद का बजट सत्र मंगलवार से शुरू होगा। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अभिभाषण से सत्र की शुरुआत के बाद बुधवार को देशव्यापी बहस का केंद्र बने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय विवाद मामले में चर्चा होगी।
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इसके बाद 25 फरवरी को रेल बजट, 26 फरवरी को आर्थिक सर्वेक्षण और 29 फरवरी को आम बजट पेश किया जाएगा। हालांकि सत्र से पहले अब तक हुई चार सर्वदलीय बैठकों में सरकार और विपक्ष ने सदन को शांतिपूर्वक चलाने पर हामी भरी है, मगर इसके अमली जामा पहनने के दूर-दूर तक आसार नहीं हैं।

विपक्ष ने जहां जेएनयू विवाद, हैदराबाद में दलित छात्र की आत्महत्या, आरक्षण के सवाल पर जाटों का हिंसक आंदोलन, पठानकोट में हुए आतंकी हमला मामले में सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है, वहीं सरकार ने भी रक्षात्मक रुख अपनाने के बदले इन सभी मुद्दों पर पलटवार का मन बनाया है।
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बीते तीन सत्रों की तरह अगर इस सत्र में भी सरकार और विपक्ष के बीच जोर-आजमाइश जारी रही तो इस बार भी सरकार का आर्थिक एजेंडा पटरी से उतर सकता है।
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नायडू ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

बजट सत्र में हंगामे की जगह कामकाज की संभावना तलाशने के लिए सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी के बाद संसदीय कार्य मंत्री वैंकेया नायडू ने सर्वदलीय बैठक बुलाई।

विपक्ष ने बैठक में ताजा विवाद से जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की। बैठक में तय हुआ कि राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद अगले ही दिन सबसे पहले जेएनयू मसले पर चर्चा कराई जाए।

इसके बाद सभी विवादास्पद मुद्दों पर आम बजट पेश होने के बाद चर्चा कराने पर सहमति बनी है। बैठक के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि विपक्ष बिल के गुण-दोष के आधार पर फैसला करेगा।

उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर देश का माहौल लगातार खराब होने का हवाला देते हुए कहा कि संसद न चलने के लिए विपक्ष को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। जबकि नायडू ने कहा कि सरकार विपक्ष की सभी विषयों पर चर्चा की मांग स्वीकार कर चुकी है। ऐसे में विपक्ष को सदन चलाने में सहयोग करना चाहिए।

इन बिलों का तय होगा भविष्य

जीएसटी, व्हिसल ब्लोअर्स प्रोटेक्शन संशोधन बिल इंडस्ट्रीज (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) संशोधन बिल, कंज्यूमर प्रोटेक्शन बिल, इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, बेनामी ट्रांजैक्शंस (संशोधित) बिल, प्रिवेंशन ऑफ करप्शन (संशोधित) बिल।
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