जम्मू-कश्मीर के बडगाम में सेना की गोली से दो लड़कों की मौत की घटना की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इनक्वायरी गठित कर दी गई है।
सेना ने अपनी सफाई में कहा है कि आतंकियों को रोकने के मकसद से लगाए गए बैरिकेड पर यह लड़के चेतावनी के बावजूद नहीं रुके। सेना इस बात की जांच करेगी कि गोली किन हालात में चली और मारुति में सवार चार लड़कों का रवैया कैसा था।
सेना ने साफ तौर पर कहा है कि अगर इस घटना में सैन्य अधिकारियों की गलती साबित हुई तो उन्हें सजा दी जाएगी। हालांकि सेना ने इन दो लड़कों की मौत पर अफसोस जाहिर किया है। सेना के मुताबिक सुरक्षा एजेंसियों को सटीक खुफिया जानकारी थी कि 3 नवंबर को सफेद मारुति 800 गाड़ी में आतंकवादी नवगांव-पुलवामा रोड पर निकलेंगे।
इसी आधार पर सेना ने कई जगहों पर मोबाइल व्हैकिल चेक पोस्ट (एमवीसीपी) लगाए गए थे। सेना ने बताया कि बडगाम के यह चार लड़के सफेद मारुति 800 में उस एमवीसीपी की तरफ आए, जहां 53 राष्ट्रीय राइफल्स के जवान तैनात थे।