गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के खुद को हिंदू राष्ट्रवादी बताने और कुत्ते के बच्चे के बयान पर सियासी घमासान तेज ही नहीं बेहद कटु हो गया है।
मोदी की टिप्पणियों की तारीफ करते हुए बसपा सांसद विजय बहादुर सिंह ने उनका पुरजोर समर्थन ही नहीं किया, बल्कि उनकी आलोचना करने वालों को आड़े हाथों भी लिया।
मोदी के हिंदूवादी ध्रुवीकरण के दांव से घबराई कांग्रेस, जदयू ने उन पर सियासी वार तेज कर दिए हैं। पिल्ले की टिप्पणी को एक समुदाय से जोड़ते हुए कांग्रेस ने मोदी को गिरा हुआ इंसान करार दिया है। साथ ही राष्ट्रवादी भारतीय होने की नसीहत दी है।
बचाव में उतरी भाजपा ने कहा कि मोदी के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। कांग्रेस नेता मोदी की लोकप्रियता से घबरा रहे हैं।
मोदी की टिप्पणी पर कांग्रेस नेता और अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ए.रहमान ने कहा है कि यह बहुत गिरा हुआ बयान है। एक गिरा हुआ इंसान ही ऐसी बातें कर सकता है। उनके मुताबिक कुत्ते के बच्चे से किसी समुदाय की तुलना पर जवाब देना भी जायज नहीं।
जबकि हिंदू राष्ट्रवादी होने के बयान पर कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मोदी को देश को धर्म के आधार पर न बांटने की नैतिक शिक्षा दी है।
सिंह ने ट्विटर पर कहा है कि क्या हमें हिंदू राष्ट्रवादी या मुस्लिम राष्ट्रवादी या सिख राष्ट्रवादी या ईसाई राष्ट्रवादी होने के बजाय राष्ट्रवादी भारतीय नहीं होना चाहिए। दिग्गी राजा ने संघ परिवार पर भी निशाना साधा है।
उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा है कि इस महान राष्ट्र को सावरकर और जिन्ना की तरह धर्म के आधार पर न बांटो। वे दोनों दो राष्ट्र के सिद्धांत के जनक थे। जदयू ने भी मोदी के बयान का कड़ा विरोध किया है।
वहीं भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस व अन्य मोदी की लोकप्रियता, सत्यनिष्ठा और शासन के रिकॉर्ड से घबरा रहे हैं। इसलिए साक्ष्यों को तोड़ना-मरोड़ना उनकी आदत बन चुकी है।
जबकि भाजपा नेता राजीव प्रताप रूडी ने कहा कि मोदी ने बयान में किसी समुदाय की तुलना नहीं की है। बल्कि उन्होंने दयालु होने का परिचय दिया है। रूडी ने कहा कि कुत्ते के बच्चे की टिप्पणी मोदी के बाल सुलभ हृदय को दर्शाता है।
यूपी के हमीरपुर से बसपा सांसद विजय बहादुर सिंह भी मोदी के समर्थन में उतर आए हैं। बहादुर के मुताबिक गाड़ी के नीचे आने वाले पिल्ले के लिए दर्द जताकर मोदी ने अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है। उन्होंने मोदी की आलोचना करने वालों को राष्ट्रविरोधी करार दिया।
बहादुर के मुताबिक उन्हें लगता था कि आलोचना करने वाले पढ़े लिखे लोग हैं। लेकिन अब लगता है कि सभी अपनी पढ़ाई भूल गए हैं। गौरतलब है कि बसपा प्रमुख मायावती ने बहादुर को 2014 के चुनाव के लिए टिकट नहीं दिया है।