सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को जम्मू-कश्मीर सरकार और अमरनाथ श्राइन बोर्ड से पवित्र अमरनाथ गुफा तक जाने वाले मार्ग को चौड़ा करने को कहा है। इसके साथ ही शीर्ष कोर्ट ने पैदल और घोड़ों पर सवार होकर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग रास्ता बनाने को भी कहा है।
जस्टिस बीएस चौहान और स्वतंत्र कुमार की बेंच ने राज्य सरकार से श्रद्धालुओं के लिए मेडिकल, टॉयलेट, रोड और अन्य सुविधाओं पर तत्काल ध्यान देने को कहा है। इसके अलावा श्रद्धालुओं को सड़क पर फिसलने से बचाने के लिए पवित्र गुफा के पास मार्ग पर रबर टाइल्स बिछाने को भी कहा है।
कोर्ट ने व्यापक बहस को सुनने के बाद अपना फैसला आरक्षित रखा और कहा कि वह अगले हफ्ते इस मामले पर विस्तृत आदेश सुनाएगी। कोर्ट ने मेडिकल केयर और उचित सुविधाओं की कमी के चलते श्रद्धालुओं की मौत पर मीडिया रिपोर्टों का स्वत: संज्ञान लिया। इसके पहले शीर्ष कोर्ट अमरनाथ श्रद्धालुओं की बढ़ती मौत के मामले को देखने के लिए एक हाई पावर कमेटी का गठन किया था।
इस कमेटी में पर्यावरण और वन, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य और बाल विकास के साथ विभिन्न विभिन्न मंत्रालयों के सचिवों और राज्य सरकार के मुख्य सचिव को शामिल किया गया था। कोर्ट ने कमेटी से अमरनाथ की यात्रा करने और जम्मू कश्मीर के राज्यपाल को रिपोर्ट देने को कहा था। राज्य के राज्यपाल ही श्रीअमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन भी होते हैं। इस साल करीब 6.20 लाख श्रद्धालुओं ने अमरनाथ की यात्रा की और 93 यात्रियों की मौत हुई।