देश में सरकारी शिक्षा चैनल ज्ञान दर्शन व ज्ञान वाणी का प्रसारण इनसेट-3सी सेटेलाइट के माध्यम से किया जाता है। दस साल पहले लांच हुए इस सेटेलाइट की समयसीमा खत्म हो चुकी है। इस सेटेलाइट के सोलर पैनल में कुछ तकनीकी खराबी भी आ चुकी है। यदि समय रहते किसी नए सेटेलाइट से ज्ञान दर्शन चैनल को लिंकअप नहीं दिया गया तो इसका प्रसारण ठप हो सकता है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2002 में फ्रेंच गुयाना स्टेशन से लांच किए गए इस भारतीय सेटेलाइट की समयसीमा पूरी हो चुकी है। इनसेट-3सी सेटेलाइट मुख्यत: देश में संचार एवं प्रसारण के लिए लांच किया गया था। इस सेटेलाइट में कुल 30 सी बैंड ट्रांसपोंडर तथा दो एस बैंड ट्रांसपोंडर हैं। सोलर पैनल में खराबी के बाद इसके कुछ ट्रांसपोंडरोँ को बंद करना पड़ा है। ट्रांसपोंडर की कमी के चलते दो महीने पहले शिक्षा विभाग की अपलिंकिंग को समाप्त करने का नोटिस भी दिया था।
इसरो के नोटिस के बाद ज्ञान दर्शन व ज्ञानवाणी चैनल पर अलग-अलग समय में कार्यक्रम प्रसारित करने वाले यूजीसी, इग्नू तथा एनसीईआरटी में हड़कंप मच गया। सभी विभागों ने इसरो चेयरमैन को पत्र लिखकर ज्ञानदर्शन चैनल के अपलिंकिंग को जारी रखने का अनुरोध किया। अंतत: मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल ने भी प्रधानमंत्री कार्यालय को पत्र लिखकर चैनल के ट्रांसपोंडर को बंद नहीं करने के लिए हस्तक्षेप किए जाने की मांग की।
जानकारी के अनुसार इसरो ने फिलहाल कुछ दूसरे कार्यक्रमों के ट्रांसपोंडर बंद करके ज्ञानदर्शन के ट्रांसपोंडर चालू रखने का फैसला लिया है। इसरो सूत्रों का मानना है कि इनसेट-3सी ट्रांसपोंडर को वैसे भी ज्यादा दिन तक चालू नहीं रखा जा सकेगा। सेटेलाइट के ठप होने से पहले यदि इन चैनलों के लिए नये सेटलाइट से ट्रांसपोंडर अलाट नहीं किये गये तो चैनलों का प्रसारण कभी भी अचानक ठप पड़ जाएगा।