हिंदुस्तानी मर्दों को लूसी हेमिंग्स का ब्लॉग शर्मिंदा कर सकता है। ये खबर बतौर मुल्क भी हमारी साख को बट्टा लगा सकती है। 26 साल की ब्रिटिश युवती का ब्लॉग सोशल मीडिया पर भी हंगामा खड़ा कर चुका है।
लूसी हेमिंग्स ने अपने ब्लॉग में हिंदुस्तान में महिलाओं के साथ होने वाले व्यवहार का जिक्र किया है। हिंदुस्तान के दौरे का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा है कि दो बार ऐसे मौके आए जब पुरुषों ने उन्हें घूरते हुए हस्तमैथून किया।
लूसी तीन महीने तक भारत में रहीं। उन्होंने अपने ब्लॉग में मुंबई बस स्टॉप पर अपने साथ घटी एक ऐसा घटना का वर्णन किया है, जो आपको चौंका सकती है।
मुंबई में बगल में बैठकर पुरुष ने किया हस्तमैथून
लूसी हेमिंग्स ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि मुंबई में एक पुरुष ने उनके बगल में बैठकर हस्तमैथून किया।
उन्होंने लिखा, 'मैं मुंबई के एक बस स्टॉप पर बैठी हुई थी, उसी समय मैंने गौर किया कि एक मर्द मेरे करीब चला आया। मैंने देखा कि वह लगातार मुझे घूर रहा था, उसने पैंट खोलकर अपना अंग बाहर निकाल लिया और हस्तमैथून करने लगा।'
लूसी ने लिखा कि वह लगातार उन्हें घूर रहा था, जिससे वह बीमार पड़ गईं। लूसी के मुताबिक हिंदुस्तान में ऐसा उनके साथ पहली बार नहीं हुआ था। 2012 में वे ऐसे ही हादसे का शिकार हो चुकी हैं।
ऋषिकेश में भी सामने आया ऐसा ही वाकया
2012 की अपनी भारत यात्रा का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि, उस समय मैं 23 साल की थी और पहली बार भारत की यात्रा कर रही थी। किसी विकासशील देश में ये मेरी पहली यात्रा थी।
लूसी हेमिंग्स ने लिखा, 'मेरी मुलाकात एक ऑस्ट्रेलियाई लड़की गेम्मा से हुई। हम दोनों तीन महीने तक साथ ही भारत घूमे थे।' ऋषिकेश में घूमते हुए उनके साथ एक अजीबोगरीब वाकया हुआ।
वे और गेमा ऋषिकेश में महर्षि महेष योगी के आश्रम के पास टहल रही थीं, उसी समय उन्होंने झाड़ियों में छिपे एक आदमी का हस्तमैथून करते देखा। वह आदमी उन दोनों को घूर रहा था।
फिर भी भारत से प्यार करती हैं लूसी हेमिंग्स
लूसी फिलहाल भारत से वापस लौट चुकी हैं। बुरे अनुभवों के बाद भी उन्होंने भारत की तारीफ की है।
अपने ब्लॉग में उन्होंने लिखा, 'भारत के लिए मेरे प्यार का लगातार इम्तहान हो रहा है। मैं भारत को अब भी प्यार करती हूं और लोगों को समझाती रहती हूं कि वे भारत की यात्रा क्यों करें?
बोर्नमाउथ विश्वविद्यालय की छात्रा रह चुकी लूसी ने कहा है कि ऐसे हादसे केवल भारत ही नहीं होते। मैं 45 से अधिक लड़कियों को सुन चुकी हूं, जिन्होंने 20 से अधिक मुल्कों का वैसा ही अनुभव सुनाया जैसा भारत का है।