भ्रष्टाचार के आरोपों में चार साल जेल और 100 करोड़ का जुर्माना झेलने वाली तमिलनाडु की पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता सभी आरोपों से बरी होने के बाद दोबारा विधायक दल की नेता चुनी गईं हैं।
आज सुबह हुई विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री पनीरसेलवम के इस्तीफा देने के बाद उन्हें नेता चुना गया जिसके बाद उनके दोबारा मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया। जयललिता कल मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। इसके साथ ही तमिलनाडु में पिछले कई महीनों से चली आ रही राजनीतिक अस्थिरता खत्म हो गई।
शुक्रवार सुबह शुरू हुई एआईडीएमके के विधायकों की बैठक में हालांकि जयललिता खुद मौजूद नहीं रहीं। मुख्यमंत्री पनीरसेलवम की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में पार्टी के सभी विधायक मौजूद रहे।
बैठक का मुख्य मुद्दा पार्टी सुप्रीमो जयललिता को दोबारा मुख्यमंत्री पद सौंपा जाना था, जिस पर कुछ ही मिनटों में मुहर लग गई। ऐसे में मुख्यमंत्री पनीरसेल्वम ने तत्काल अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जिसके बाद विधायकों की बैठक में एक स्वर में जयललिता को दोबारा नेता चुनने पर सहमति बन गई।