योग गुरु बाबा रामदेव को लंदन के इमीग्रेशन और कस्टम अधिकारियों ने लंदन-हीथ्रो एयरपोर्ट पर शुक्रवार को लगभग आठ घंटे से ज्यादा समय तक रोककर पूछताछ की। अधिकारियों ने उनके सामानों की भी जांच की।
हरिद्वार स्थित पतंजलि से जुड़े सूत्रों का कहना है कि बाबा को अमेरिका जाने से पूर्व दो दिन तक इंग्लैंड में पतंजलि से जुड़े कार्यक्रमों में हिस्सेदारी करनी है। बाबा शिकागो (अमेरिका) में धर्म सम्मेलन में बतौर वक्ता आमंत्रित किए गए हैं।
भारतीय समयानुसार शाम साढ़े छह बजे बाबा को हीथ्रो एयरपोर्ट पर इमीग्रेशन अधिकारियों ने रोककर पहले दो घंटे तक पूछताछ की और फिर जाने दिया गया।
बाबा कुछ ही दूर गए थे कि फिर से उन्हें कस्टम अधिकारियों ने पूछताछ के लिए बुला लिया। देर रात तक बाबा रामदेव से पूछताछ की गई।
बाबा से किस सिलसिले में पूछताछ की जा रही थी, इसका ब्योरा नहीं मिल पाया है। ब्रिटेन के अधिकारियों ने लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग को मामले की जानकारी दे दी है।
खबर मिलने के बाद भारत और इंग्लैंड दोनों स्थानों पर बाबा के भक्तों में खासा रोष है। उन्होंने ब्रिटिश सरकार की इस कार्रवाई की कड़ी भर्त्सना की है।
बाबा वहां पतंजलि योग पीठ की विदेश शाखा के कार्यों का अवलोकन करेंगे।
बाबा उस द्वीप पर भी जाएंगे, जो उन्हें उनकी भक्त सुनीता पोद्दार ने दिया था। इसी द्वीप से पतंजलि योग पीठ का विश्व केंद्र संचालित होता है।
बाबा रामदेव ब्रिटेन के बाद अमेरिका जाएंगे, जहां शिकागो में विश्व धर्म सम्मेलन का आयोजन 27 और 28 सितंबर को किया गया है।