गांव से बाहर खेत में दो सगी बहनों से दुष्कर्म का प्रयास कर रहे अधेड़ को साहसी महिला ने मुंहतोड़ सबक सिखाया। बच्चियों का शोर सुन मौके पर पहुंची महिला ने हसिया लेकर आरोपी को घेर लिया।
शोर मचाते हुए धमकाया कि छोड़ दो बच्चियों को नहीं तो काट डालूंगी। फिर उसे हंसिये के दम पर पकड़ लिया और पिटाई शुरू कर दी। हल्ला-गुहार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे लोग भी पहुंच गए।
उन्होंने भी आरोपी को जमकर धुना और फिर पुलिस के हवाले कर दिया गया। दोनों बच्चियों की लाज बचाने वाली विवाहिता के साहस को हर कोई सराहता दिखा। पुलिस ने दुष्कर्म के प्रयास और पाक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
दुष्कर्म का प्रयास करने लगा
नेपाल के नरायनपुर का मूल निवासी सागर उर्फ साथी (50) पिछले 15 वर्षों से सारनाथ थाना क्षेत्र के एक गांव में किराये के मकान में रहकर मजदूरी करता है।
रविवार को गांव की दो सगी बहनें घर से लगभग सौ मीटर दूर खेत में बकरियां चराने गई थीं। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और छोटी बहन (9) का मुंह दबाकर उसे पास के बाजरे के खेत की ओर ले जाने लगा।
बड़ी बहन (12) ने विरोध किया तो उसे भी खेत में खींच ले गया। छोटी बहन को धमकाकर बड़ी के साथ वह दुष्कर्म का प्रयास करने लगा। दोनों बहनों के शोर मचाने पर समीप के ही दूसरे खेत में घास काट रही रीना यादव (30) वहां पहुंच गई। उसने हंसिया लहराते हुए आरोपी को ललकारा।
बच्चियों को छुड़वाने के बाद उसने लात-घूंसे से आरोपी की पिटाई शुरू कर दी। आरोपी खुद को बख्श देने के लिए गिड़गिड़ाने लगा लेकिन साहसी महिला ने तब तक उसको घेरे रखा जब तक कि ग्रामीण मौके पर नहीं जुट आए।
हम औरत हैं तो चुप होकर बैठ जाएं?
किसी के भी घर की बेटियां हों, अपने घर की बेटियों जैसी ही होती हैं। दोनों बच्चियों के साथ कुछ भी होता तो पूरे गांव की मर्यादा पर आंच आती। यह कहना है रीना यादव (30) का।
दोनों बच्चियों की लाज बचाने वाली रीना ने कहा कि जहां कहीं भी गलत हो रहा हो, उसका विरोध जरूर करना चाहिए। यह नहीं होना चाहिए कि हम औरत हैं तो चुप होकर बैठ जाएं। गंदी मानसिकता के लोगों को सबक सिखाना भी हमारा ही काम है।
ऐसी कोई चुनौती नहीं जिसका कि साहस के साथ मुकाबला न किया जा सके। बता दें कि रीना के साहस की पूरे क्षेत्र में चर्चा है। हर कोई उसकी सराहना करता नजर आया।