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बस ब्रांड मोदी के सहारे लड़ रहे हैं उम्मीदवार

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उपचुनाव में पराजय के बाद भले ही विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू खत्म होने का प्रचार कर रहा हो, मगर पार्टी के उम्मीदवारों का ब्रांड मोदी पर अटूट भरोसा कायम है।
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यह भरोसा इतना ज्यादा है कि हरियाणा और महाराष्ट्र के पार्टी उम्मीदवार मोदी के अलावा किसी अन्य नेता की रैली कराने में कोई दिलचस्पी नहीं ले रहे।

हाल ही में हरियाणा विधानसभा चुनाव के लिए स्टार प्रचारकों की सूची से बाहर किए गए वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी सहित पार्टी के तमाम बड़े नेताओं की रैलियां कराने में भी उम्मीदवारों की दिलचस्पी नहीं है। हर उम्मीदवार अपनी सीट पर मोदी की एक रैली कराने के लिए हाथ पैर मार रहा है।

अब आडवाणी भी करेंगे रैली

अपवाद स्वरूप हरियाणा के दो उम्मीदवारों ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और मथुरा की सांसद व बॉलीवुड अभिनेत्री हेमा मालिनी की जनसभा कराने में दिलचस्पी दिखाई है। इस बीच, पार्टी महाराष्ट्र में आडवाणी की एक रैली कराने की तैयारी कर रही है।

पार्टी की चुनाव प्रचार अभियान समिति ने इस आशय का प्रस्ताव तैयार किया है। अगर इस प्रस्ताव पर केंद्रीय नेतृत्व की मुहर लगी तो आडवाणी 12 या 13 अक्तूबर को मुंबई में एक रैली को संबोधित कर सकते हैं।

पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान समिति से जुड़े सूत्रों के अनुसार उम्मीदवार प्रधानमंत्री के अलावा किसी अन्य नेता की रैली कराने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
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3 दर्जन से ज्यादा रैली करेंगे मोदी

यहां तक कि उम्मीदवारों की पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ ग्लैमर की दुनिया से जुड़ी चर्चित हस्तियों के प्रति भी कोई दिलचस्पी नहीं है, जबकि इससे पहले आमतौर पर बॉलीवुड, क्रिकेट सहित अन्य क्षेत्रों की मशहूर हस्तियों की रैलियां कराने के लिए मारामारी की स्थिति रहती थी।

दरअसल उम्मीदवारों का आकलन है कि मोदी की रैलियों के बाद संबंधित सीटों पर पार्टी के पक्ष में वातावरण बनता है। उल्लेखनीय है कि पार्टी ने मोदी की महाराष्ट्र में करीब 3 दर्जन और हरियाणा में एक दर्जन रैलियां कराने का कार्यक्रम बनाया है।
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