केरल ही नहीं पूरे देश में ये अपनी तरह की पहली घटना है जिसमें एक हादसे में अपना हाथ गंवा बैठे शख्स को ब्रेन डेड युवक के दान किए गए हाथ को सफलतापूर्वक प्रत्यर्पण किया गया।
हुआ यूं की सड़क हादसे में बाइक सवार बिनॉय घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इसके बाद उसके परिजनों ने डॉक्टरों को बताया कि बिनॉय अपने शरीर के अंग दान करना चाहता था।
इसका फायदा थोडुपुझा के रहने वाले मनु को मिला। जिसे हाथ की जरूरत थी। एक हादसे में उसके हाथ नहीं रहे थे। बिनॉय के हैंड ट्रांसप्लांट का सीधा फायदा मनु को मिला।
डॉक्टर सुब्रमण्यम अय्यर और उनकी करीब 16 घंटे के ऑपरेशन के बाद ये हैंड ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन सफल रहा। डॉ. अय्यर अमृता इंस्टीट्यूट मेडिकल साइंसेज़ के क्लिनिकल प्रोफेसर और प्लास्टिक और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जरी विभाग के अध्यक्ष हैं।