भारत ने बुधवार को गोवा के तट पर नौसेना के नवीनतम मिसाइल गाइडेड फ्रिगेट आईएनएस तरकश पोत से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण किया।
मिसाइल 290 किमी तक मार कर सकती है। मिसाइल ने सफलतापूर्वक लक्ष्य को भेदा।
रूस और भारत द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई ब्रह्मोस मिसाइल 300 किलो तक आयुध ले जाने में सक्षम है। मिसाइल की अधिकतम गति 2.8 मैक (आवाज की गति से 2.8 गुना अधिक) है।
ब्रह्मोस एयरो स्पेस के प्रमुख ए शिवाथानु पिल्लई ने कहा कि मिसाइल का परीक्षण सुबह 11 बजे रूस निर्मित युद्धक जहाज से किया गया। यह परीक्षण पोत के स्वीकृत फायरिंग परीक्षण (एटीएफ) के तहत नौसेना ने किया।
एडवांस तलवार श्रेणी की फ्रिगेट आईएनएस तरकश को पिछले साल 9 नवंबर को नौसेना में शामिल किया गया था। जुलाई 2006 में भारत और रूस के बीच 8000 करोड़ रुपये के समझौते के तहत इस पोत का निर्माण किया गया।
इस करार के तहत आईएनएस तेग और आईएनएस त्रिकंद का भी निर्माण किया गया है। आईएनएस तेग को 27 अप्रैल 2012 को नौसेना में शामिल किया गया जबकि आईएनएस त्रिकंद को जल्द ही शामिल किए जाने की उम्मीद है।
आईएनएस तरकश जमीन से हवा और जमीन से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलों से लैस है। इसमें 100 एमएम की मध्यम श्रेणी की गन, क्लोज इन हथियार प्रणाली, टोरपेडो ट्यूब और एंटी सबमैरीन रॉकेट से भी युक्त है। तीनों ही पोत 8 वर्टिकल लांच ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम से लैस होंगे।