एक मासूम बच्चे को अरबी सीखने में दिलचस्पी न दिखाने की कड़ी सजा भुगतनी पड़ी। आंध्र प्रदेश के मेडक शहर में एक मदरसे में उसे जंजीरों से बांधकर सिर्फ इसलिए यातनाएं दी जाती थीं क्योंकि वह पढ़ाई में कमजोर था। प्रदेश सरकार ने इस मामले में जांच के आदेश देने के बाद पुलिस ने प्रशासन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
स्थानीय पुलिस के मुताबिक, महबूब नाम का लड़का ‘मिनहाज उल उलूम’ नामक मदरसे में पिछले तीन साल से पढ़ रहा था, लेकिन वह पढ़ने में ज्यादा तेज नहीं है और साथ ही हकलाने की समस्या से भी पीड़ित है। वह कई बार यहां से भागने की कोशिश कर चुका है। इसी वजह से पिछले कुछ दिनों से मदरसा प्रशासन ने उसे बांधकर रखना शुरू कर दिया था। इसके बावजूद महबूब शनिवार को बंधी जंजीरों के साथ मदरसे की दीवार कूद गया और पड़ोस के मकान में गिरा, जो एक न्यायाधीश का मकान था।
उसने न्यायाधीश को अपनी कहानी बताई, जिसने पुलिस को बुलाकर बालक की मदद की। पुलिस ने इस मामले में दो अध्यापकों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। दूसरी तरफ हाजी उलूम मदरसे का आरोप है कि महबूब मदरसे से अक्सर भागने की कोशिश करता था इसलिए उसके माता-पिता के कहने पर उसे जंजीरों में बांधा गया।