मोबाइल से आरक्षित श्रेणी के टिकटों की तरह रेल यात्रियों को जनरल टिकट भी मिलेंगे। रेलवे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर मुंबई सब-अर्बन एरिया में यह सेवा शुरू कर चुका है। जल्द ही चेन्नई मेट्रो में भी इसके शुरू होने की संभावना है। तीसरे चरण में पूरे देश में ई-टिकटों की तरह यात्रियों को बिना कतार लगाए जनरल टिकट मिलने लगेंगे। योजना के तहत टिकटों का प्रिंट लेने के लिए स्टेशनों पर कियास्क लगाए जाएंगे। साथ ही यात्री मोबाइल पर मिले ईआरपी संदेश को भी टिकट चेकिंग स्टॉफ को दिखा सकेंगे।
योजना को बड़े पैमाने पर शुरू करने के लिए रेलवे में तैयारी शुरू हो चुकी है।
मोबाइल से ही जनरल टिकटों की बिक्री की रेलवे की योजना अब परवान चढ़ रही है। सॉफ्टवेयर, पेमेंट गेट-वे आदि की तैयारी के बाद जनवरी के दूसरे सप्ताह में योजना को मुंबई में शुरू किया है। रेलवे अफसर बताते हैं कि आरक्षित टिकटों की अपेक्षा यूटीएस यानी जनरल टिकटों की बिक्री पेचीदा काम है। इन टिकटों की बिक्री सभी श्रेणी के स्टेशनों पर होती है। इसका दायरा बड़ा है। इससे लाभान्वित होने वाले यात्रियों की संख्या भी ज्यादा है।
साथ ही ऐसे यात्रियों की संख्या भी लाखों में है जिनके हाथ में मोबाइल है लेकिन स्मार्ट फोन नहीं हैं। सो, जनरल टिकटों की बिक्री के लिए नया प्लेटफार्म विकसित किया जाना है जिससे साधारण मोबाइल से भी इसकी बिक्री की जा सके।
पीडीएफ मैसेज से मिलेगा टिकट
स्मार्ट फोन के साथ सामान्य मोबाइल के लिए नया प्लेटफार्म आएगा। इसके जरिए कोई भी व्यक्ति राह चलते मोबाइल से जनरल टिकटों की बुकिंग करा सकेगा। इसमें यात्रा के विवरण देने होंगे। किराये का भुगतान होते ही मोबाइल पर पीडीएफ के रूप में एसएमएस मिलेगा। रिजर्व टिकटों के पीएनआर नंबर की तरह विशेष नंबर मिलेंगे। टिकट मिलने में असुविधा न हो, इसके लिए स्टेशनों पर कियास्क लगाए जाएंगे। इन मैसेज को प्रिंट भी किया जा सकेगा।
जनरल टिकटों के लिए है मारामारी
ई-टिकटिंग प्रणाली के मजबूत होने से आरक्षित टिकटों की बुकिंग आसान हो गई लेकिन जनरल टिकटों के लिए घंटों कतार लगानी होती है। ट्रेन छूटने के वक्त मारामारी रहती है। तमाम यात्रियों को बिना टिकट ही सफर करना पड़ता है। लखनऊ, इलाहाबाद, कानपुर, वाराणसी, मुगलसराय जैसे बड़े स्टेशनों पर जनरल टिकट पाना मुश्किल काम है। सो, मोबाइल पर इन टिकटों के मिलने से सुविधा बढ़ जाएगी।
रेल मंत्रालय में असिस्टेंट डायरेक्टर जनरल, पीआर अनिल सक्सेना ने बताया कि मोबाइल से जनरल टिकटों की बिक्री की योजना है, लेकिन अभी इसमें थोड़ा वक्त लगने की संभावना है। मुंबई सब-अर्बन में पायलट प्रोजेक्ट के तहत बिक्री शुरू कर दी गई है।