बांबे हाई कोर्ट ने बकरीद के दौरान बैलों और बछड़ों की कुर्बानी की अनुमति मांगने वाली याचिका को खारिज कर दिया है। महाराष्ट्र में कुछ महीने पहले बीफ पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था।
इस याचिका में अदालत से बकरीद के दौरान 23-28 सितंबर तक गौवंशीय पशुओं की कुर्बानी की अनुमति मांगी थी। याचिका में गोवंश हत्या बंदी कानून की धारा 5(d) को चुनौती दी थी जिसके तहत गोमांस रखने तथा बेचने पर पाँच साल की कैद और दस हज़ार रुपए जुर्माने का प्रावधान है।
याचिकाकर्ता का तर्क था कि यह प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 25, 26 तथा 29 का उल्लंघन है जो हर नागरिक को अपने धार्मिक कार्य करने तथा उनका प्रचार करने, नैतिकता तथा स्वास्थ्य बनाए रखते हुए धार्मिक रिवाज़ निभाने और अल्पसंख्यांक समुदाय के हितों की रक्षा से संबधित है।
याचिकाकर्ता अधिवक्ता हरीश जगतियानी ने बताया कि बकरी ईद के दौरान मुसलमान समाज के गरीब लोग गोवंश की कुर्बानी करते है। हमने अदालत से गुजारिश की थी के उन्हें ईद के दौरान ऐसा करने की अनुमती दी जाए। लेकिन अदालत ने हमारी याचिका खारिज कर इस बारे में महाराष्ट्र सरकार से अनुमति लेने के आदेश दिए हैं।