ओडिशा में नक्सल प्रभावित कोरापुट जिले की स्थानीय कोर्ट के एक जज को बुलेट और डेटोनेटर युक्त पार्सल मिलने से हड़कंप मच गया।
माना जा रहा है कि यह पार्सल नक्सलियों ने भेजा है। पार्सल में एक पत्र भी निकला। पार्सल को स्पीड पोस्ट के जरिए भेजा गया।
पुलिस ने बताया कि पार्सल सब डिवीजनल न्यायिक मजिस्ट्रेट के जज देबाशीष पांडा को सोमवार को मिला था, जिसे मंगलवार को खोला गया।
पार्सल से मिले पत्र में पांडा पर जमानत अर्जियों और याचिकाओं को खारिज करने का आरोप लगाया गया है और उन्हें भविष्य में ऐसी गतिविधियों से बचने अन्यथा प्रजा अदालत (नक्सली कोर्ट) में परिणाम भुगतने की धमकी दी गई है।
उड़िया भाषा में हाथ से लिखे पत्र में कहा गया है कि रायगाडा में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने लोगों की जमानत अर्जी और याचिकाओं को खारिज किया था और उस ढंग से वह अभी भी कोरापुट में काम कर रहे हैं। तत्काल प्रभाव से वह इस जगह को छोड़ दें या फिर प्रजा कोर्ट में दंड भुगतने के लिए तैयार रहें।
पत्र भेजने वाले ने अपनी पहचान डी कामेश्वर राव के रूप में कराई है और खुद को पड़ोसी जिले के रायगाडा कस्बा स्थित रानीगुडा फर्म का निवासी बताया है।
जिला पुलिस अधीक्षक अविनाश कुमार ने बताया कि इसके पीछे शरारती तत्वों का हाथ होने का संदेह है। पार्सल में मिले बुलेट निष्क्रिय है और डेटोनेटर का इस्तेमाल नहीं हुआ है। हालांकि मामले की जांच की जा रही है।