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वाराणसी: गंगा में नाव डूबने से 2 की मौत, 33 लापता

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वाराणसी से पंद्रह किमी दूर बेटावरघाट से गंगापार कर चुनार के गांगपुर घाट जा रही एक ओवरलोड नाव मंगलवार की दोपहर तीन बजे बीचधारा में डूब गई। इस नाव पर दुर्घटना के समय लगभग पचास लोग सवार थे। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों के प्रयास से 15 लोगों को बचा लिया गया।
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ग्रामीणों द्वारा बचाये गये एक व्यक्ति की अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। नदी की धारा में बहने वाले लोगों की तलाश के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल (एनडीआरएफ) की टीम तथा गोतोखोरों को नदी में उतारा गया है। देर रात एक और व्यक्ति बरामद किया गया। नाव में सवार 33 लोग अभी भी लापता हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तथा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने घटना पर दुख प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने आपदा पीड़ित परिवारों को दो-दो लाख रुपए आर्थिक मदद की भी घोषणा की है।
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नाव में क्षमता से दोगुने लोग थे सवार

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर तीन बजे बेटावर घाट से नाव रवाना हुई। नाव में क्षमता से दोगुने लोग सवार थे। मोटर से चलने वाली इस नाव को चलाने की स्थानीय प्रशासन से कोई अनुमति नहीं थी लेकिन स्थानीय लोगों की जरुरत तथा अधिकारियों की मिलीभगत से काफी समय से यह नाव चल रही थी।

इन दिनों गंगा पीछे से आ रहे पानी के कारण काफी उफनाई है। नाव जैसे से बीच धारा में पहुंची तेज हवा के कारण डगमगाने लगी। नाव में बैठे लोग इससे घबराकर खड़े हो गये इससे नाव का बैलेंस बिगड़ गया और वह डूबने लगी। नदी किनारे खड़े लोग इस हादसे को देख तुरंत छोटी नावों से बचाने के लिए चल पड़े। जब तक वे बचाव के लिए पहुंचे कई लोग दूर धारा में बह गये। जो लोग तैरकर डूबने से बचने की कोशिश कर रहे थे उनमें से 15 लोगों को बचा लिया गया।

इनमें से बृजेश कुमार नाम के एक व्यक्ति की इलाज के लिए ले जाते समय मौत हो गई। देर रात मिली खबर के अनुसार एनडीआरएफ टीम ने नदी से एक और शव बरामद किया है।

प्रशासन-पुलिस पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

गंगा में नाव डूबने की खबर मिलने के बाद नदी के दोनों तटों पर ग्रामीणों की भीड़ जुटने लगी। गांगपुर घाट पर मिर्जापुर के अधिकारी व पुलिस फोर्स पहुंच गई। यहां पहुंचे एसडीएम, तहसीलदार तथा कोतवाल के साथ घटना से नाराज ग्रामीणों ने हाथा पाई भी की। इस नाव पर सवार अधिकांश लोग मिर्जापुर के बगही, जलालपुर माफी, शिवपुर तथा गांगपुर गांव के लोग थे।

ग्रामीणों का आरोप था कि सूचना देने के घंटो बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। वाराणसी से राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी के लिए डीआईजी एसके भगत, जिलाधिकारी प्रांजल यादव, एसएसपी जोगेंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी जगदीश प्रसाद, पीएसी कमांडेंट राजेश डी मोदक भी बेटावर घाट पहुंच गये थे। देर रात तक अधिकारी एनडीआरएफ की टीम और गोताखोरों से लापता लोगों की तलाश कराते रहे।

अंधेरा होने के पहले नदी तट पर प्रकाश के लिए जनरेटर की भी व्यवस्था की गई थी। दुर्घटना में बहे लोगों के शवों को बरामद करने के लिए जिला प्रशासन ने  रामनगर और राजघाट के पास गंगा में महाजाल भी डलवा दिया है। देर शाम बेटावर घाट के  ठेकेदार सुभाष को हिरासत में ले लिया गया है।

संख्या को लेकर अलग-अलग दावे

मिर्जापुर के डीएम अनिल ढींगरा ने बताया कि नाव पर 50 लोग सवार थे जिसमें से 23 लोगों को बचा लिया गया है। वाराणसी के जिलाधिकारी प्रांजल यादव ने 22 लोगों को बचाया गया है। बचाये गये लोगों के नाम भी जिला प्रशासन के पास नहीं हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि नाव में पचास से भी ज्यादा लोग हो सकते हैं। उनके अनुसार 15 लोग जीवित बचाये गये। जबकि दो लोगों के शव मिलने के बाद मौत की पुष्टिहो चुकी है।

नौका दुर्घटना में मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वाराणसी में नौका दुर्घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मरने वालों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। सरकार के प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि इस घटना में 18 लोगों को लापता होने की सूचना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर बचाव और राहत कार्य के निर्देश दिए हैं।

मोदी ने ट्विट कर जताया शोक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेटावर नाव हादसे पर शोक जताया है। पीएमओ इंडिया पर ट्विट करके हादसे पर शोक संवेदना व्यक्त की है। अपने ट्विट में उन्होंने लिखा है कि वह इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में लापता लोगों के लिए प्रार्थना करते हैं।

बचे लोगों की सूची

1-डा.शिशुपाल सिंह 32 वर्ष निवासी बगही
2-शिवकुमार 27 वर्ष निवासी शिवपुर
3-श्यामलाल 52 वर्ष शिवपुर
4-सुनील  22 वर्ष निवासी शिवपुर
5-जितेंद्र सिंह 20 वर्ष निवासी गांगपुर
6-बबलू यादव 22 वर्ष निवासी शिवपु़र
7-संतोष माझी चालक 32 निवासी गांगपुर
8-संदीप कुमार (26 वर्ष) पुत्र रामजनम, निवासी गांगपुर
9-हिंमाशु (18 वर्ष) पुत्र तेजबली, निवासी गांगपुर
10-राजकुमार (45 वर्ष) पुत्र श्रवण कुमार, निवासी गांगपुर
11-आदर्श कुमार (24) पुत्र जगतंबा, निवासी गांगपुर
12 और 13-मुन्ना मांझी (25) और उसकी मां
शाम सात बजे तक मरने वाले लोग
1-बृजेश कुमार 25 वर्ष निवासी गंगापुर
समाचार लिखे जाने तक लापता लोगों की सूची
-संजय (35) पुत्र हंसनारायण, निवासी गांगपुर
-तन्नू (12) पुत्री संजय, निवासी गांगपुर
-किरन (12) पुत्री सियाराम, निवासी गंगापुर
-सोनू (25)
-रामलाल (35)
-प्रेम शंकर द्विदी (65), जलालपुर माफी
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अपनी परवाह किए बगैर बचाई दूसरों की जान

अपनी जान की परवाह किए बगैर गांगपुर और बेटावर के  लोग नाव हादसे में डूबे लोगों को बचाने के लिए उफनाती गंगा में कूद पड़े। जो भी तैरता या बहता दिखा, लोगों ने उसे नाव पर खींच लिया। शूल टंकेश्वर के पास बह रहे भाई-बहन को भी इन ग्रामीणों ने ही बचाया। करीब एक घंटे तक ग्रामीणों ने मोर्चा संभाले रखा। घंटे भर बाद पहुंचे पुलिस और प्रशासन के अफसर 22 लोगों को बचाने का दावा करते दिखे। जबकि, ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस के भरोसे रहते तो कोई जिंदा न बच पाता।

गांगपुर समेत आसपास गांवों के रहने वाले लड़के और लड़कियां बेटावर के समीप बच्छांव स्थित महामना इंटर कालेज में पढ़ने आते हैं। खरीदारी और इलाज कराने के उद्देश्य से भी लोग वाराणसी आते हैं। आवाजाही की वजह से ही दोनों तरफ के लोग एक-दूसरे को जानते हैं। बीच नदी में नाव डूबने की सूचना कुछ ही देर में दोनों तरफ के लोगों के बीच फैल गई। घाट किनारे छोटी और बड़ी जितनी भी नावें थीं उसे लेकर ग्रामीण गंगा में कूद पड़े।

जितने लोग भी पानी में उतराते दिखे उन्हें बचा लिया गया। गांगपुर के ही रहने वाले छात्र आकाश को भी बचाया गया है। मिर्जापुर और वाराणसी पुलिस और प्रशासन के लोग आकाश के जरिये ही नाव में सवार लोगों के बारे में जानकारी जुटा रहे थे।
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