आगरा के खेड़ा राठौर और बासौनी क्षेत्र की सीमा पर श्रद्धालुओं से भरी नाव बुधवार शाम चंबल नदी में डूब गई। इसमें सौ से ज्यादा लोग सवार थे। चीख-पुकार मची तो आसपास मौजूद लोगों ने बहुतों को बाहर निकाला।
देर रात पुलिस के गोताखोर लापता लोगों की तलाश में जुटे थे। तकरीबन दस लोगों के लापता होने की खबर है।
बटेश्वर में गुरुवार को कार्तिक पूर्णिमा का स्नान है। इसके लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। मुरैना के नगरा थाना क्षेत्र के कौथर खुर्द और भदावल गांव के करीब सौ लोग बुधवार शाम पांच बजे चंबल नदी के घाट से नाव में सवार हुए। नाव बाह के केंजरा घाट की ओर आ रही थी।
खेड़ा राठौर और बासौनी थाने की सीमा के केंजरा घाट के समीप नाव नदी में डूब गई। नाव में मौजूद तैराकों ने श्रद्धालुओं को बाहर निकालना शुरू कर दिया। घाटों पर मौजूद लोग भी नदी में कूद गए।
हादसे में कौथर खुर्द की रचना (17), राधा (12), ऐवरन सिंह (35) और भदावल के कमला (60), अच्छो (23), आनंद (16), कमलेशी, कौशल्या, अर्चना समेत दस लोग लापता हो गए।
जानकारी पर अंबाह, मुरैना, बाह के आला पुलिस अधिकारी गोताखोरों और मोटर बोट के साथ पहुंचे। चंबल रेंज के आईजी आरएस मीणा ने बताया कि मगरमच्छ होने के कारण राहत कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। लापता लोगों की तलाश की जा रही है।