यूपी बोर्ड की परीक्षाएं आज से शुरू होने जा रही हैं। इसके लिए बोर्ड की ओर से कई बैठकें करके व्यापक पैमाने पर तैयारियों की गईं, बावजूद इसके अव्यवस्था साफ नजर आ रही है।
परीक्षा में 68 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं, जिनके लिए 11 हजार 580 से अधिक केंद्र बनाए गए हैं। बोर्ड ने 1.30 लाख कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की है, लेकिन हालत यह है कि आधे से अधिक कक्ष निरीक्षकों को ड्यूटी की जानकारी तक नहीं है।
परीक्षा शुरू होने के 12 घंटे पहले तक यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पर परीक्षार्थियों के प्रवेश पत्र जारी करने का काम चलता रहा। प्रवेश पत्र लेने वाले परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र तक समय से कैसे पहुंचेंगे यह बात उन्हें परेशान करती रही।
परीक्षा तैयारी में लगे परीक्षार्थियों के लिए समय सीमा खत्म होने के बाद अब उनके हाथ बोर्ड की कॉपी और प्रश्नपत्र नजर आएगा। बोर्ड की ओर से परीक्षा के लिए हर संभव तैयारी की कोशिश के बाद परीक्षार्थियों, केंद्र व्यवस्थापकों, अभिभावकों एवं कक्ष निरीक्षकों की शिकायत दूर नहीं की जा सकी है। प्रवेश पत्र नहीं मिलने से प्रदेश में एक लाख से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा से वंचित हो सकते हैं।
बोर्ड परीक्षा में इंटरमीडिएट और हाईस्कूल में कुल मिलाकर लगभग 68 लाख परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं। बोर्ड की ओर से तो दावा यही है कि परीक्षा की पूरी मुकम्मल तैयारी है परंतु जमीनी हकीकत कुछ और ही है। बोर्ड के अधिकारी भी शाम तक आपस में बैठ कर कुल परीक्षा केंद्र और परीक्षार्थियों की संख्या को लेकर मंथन करते रहे।
बोर्ड परीक्षा शुरू होने के 12 घंटे पहले तक ज्यादातर कक्ष निरीक्षकों का फोटो परिचय पत्र नहीं बन सका और बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र नहीं मिले। बड़ी संख्या में छात्रों के पंजीकरण नहीं होने से उन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ा। बड़ी संख्या में ऐसे छात्र हैं जिन्हें पता ही नहीं कि उन्हें कहां परीक्षा देनी है।
यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में बुधवार देर शाम तक प्रवेश पत्र के लिए सैकड़ों की संख्या में परीक्षार्थी, प्रधानाचार्य एवं अभिभावक अपना प्रवेश पत्र मिलने का इंतजार कर रहे थे। इसमें अधिकांश लोगों में दूर-दराज के जिलों से आए परेशान लोग शामिल रहे।