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तेज धमाके से टूटी छत, लेकिन पुलिस ने कहा पटाखा

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गांव जैंत में मंगलवार रात करीब साढ़े दस बजे राजन पुत्र परसादी के मकान में तेज धमाका हुआ। छत की कई पटिया टूटकर आंगन में बिखर गईं और पत्थर के टुकड़े आसपास के घरों में भी जाकर गिरे। छत पर सो रहे राजन भी घायल हो गए।
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धमाका सुनकर आसपास के लोग इकट्ठे हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मकान सील कर दिया। सुबह पहुंचे बम निरोधक दस्ते ने घर का चप्पा-चप्पा छाना, लेकिन बम के कोई अवशेष नहीं मिले। पुलिस का कहना है कि पटाखे से धमाका हुआ है।

घटना स्थल पर जुटे ग्रामीणों ने बताया कि राजन के घर जीने के नीचे उपले रखे थे। इन्हीं में धमाका हुआ है। तेज आवाज से आसपास के घरों में ईंट, पत्थर के टुकड़े जा पहुंचे। आसपास के घरों के लोग बाहर निकल आए।
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काफी देर तक लोग घरों के बाहर ही बने रहे कि कहीं और धमाका न हो जाए। कुछ लोग दूसरे मोहल्ले में जा कर छिप गए। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची जैंत पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण किया।
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नहीं मिला बम का अवशेष

रात में ही राजन का घर सील कर दिया। सुबह नौ बजे बम निरोधक दस्ते ने घर का ताला खोल कर पूरे घर की सघन तलाशी ली, लेकिन बम का कोई अवशेष नहीं मिला। सिर्फ ईंट, पत्थर के टुकड़े बिखरे मिले।

बम निरोधक दस्ता और चौकी प्रभारी ने बताया कि बम नहीं, बल्कि पटाखा था। सघन चेकिंग में बम जैसा कोई अवशेष या बम बनाने की कोई सामग्री नहीं मिली है। राजन के घर में जीने के नीचे उपले रखे थे। कहीं से बच्चों ने लाकर पटाखा उपलों में रख दिया।

लाइट जाने पर उसने मोमबत्ती जला कर छोड़ दी थी, किसी तरह मोमबत्ती पटाखे के ऊपर गिर गई और पटाखा फूट गया है। कुछ लोग इस मामले को तूल देना चाह रहे हैं जो गलत है। राजन ने कहा कि उसके घर में पटाखा रखा था या और कुछ उसे कुछ पता नहीं।
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