एक बार के लिए खुले ब्लैकमनी कंप्लायंस विंडो के तहत पिछले साल 600 से अधिक घोषणाएं की गई थी जिससे सरकार को कुल मिलाकर 2,428.4 करोड़ रुपये कर के रूप में प्राप्त हुए हैं।
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने अपने बयान में कहा है कि 31 दिसंबर तक प्राप्त यह राशि कर और जुर्माने के तहत प्राप्त की गई है।
बयान में कहा गया है कि इस श्रेणी के तहत संग्रह में कमी दर्ज की गई है क्योंकि कुछ मामलों की सूचना कर अधिकारियों को पहले से ही थी जिस कारण कालेधन की घोषणा करने वालों को अयोग्य घोषित कर दिया गया। दूसरी तरफ, कुछ भुगतान दिसंबर की समयसीमा के बाद किए गए हैं।