कालेधन की सुरक्षित पनाहगाह को लेकर भारत समेत दुनिया भर में किरकिरी झेल रहे स्विस बैंक ने एक बार फिर कहा है कि वह अपने ग्राहकों की गोपनीयता से कोई समझौता नहीं करेगा।
बैंक ने कहा कि कर से जुड़ी जानकारियां साझा करने का समझौता ही काले धन पर नकेल कसने का एक मात्र समाधान नहीं है।
बैंक का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब स्विट्जरलैंड सरकार दुनिया भर के देशों के साथ कर चोरी से जुड़ी जानकारियां साझा करने को लेकर हुए समझौते को लागू करने की प्रक्रिया में है। यह समझौता ओईसीडी के सदस्य देशों के बीच हुआ है, भारत भी इसमें शामिल है।
ओईसीडी के तहत भारत 2018 तक कर चोरी या काले धन से जुडी़ जानकारी स्विट्जरलैंड सरकार से हासिल करने की उम्मीद कर रहा है। स्विट्जरलैंड में बैंकों की सबसे बड़ी संस्था स्विस बैंक एसोसिएशन ने कहा कि ग्राहकों की गोपनीयता सार्वजनिक नहीं की जाएगी, लेकिन वह दूरगामी परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है।
बैंक ने कहा कि उसने गोपनीयता के नाम पर कभी अपराधियों की सुरक्षा नहीं की, वह अपने दायित्व को बेहतर तरीके से समझता है।