भाजपा ने रविवार को कहा कि वह ममता बनर्जी की ओर से यूपीए सरकार के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेगी। साथ ही पार्टी कहा कि उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा लोकसभा चुनाव के बाद की जाएगी। एक सवाल के जवाब में भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने कहा कि 100 फीसदी हम तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी के अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करेंगे।
साथ ही उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के बाद यूपीए सरकार बहुमत खो चुकी है और उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे जाने पर गडकरी ने कहा कि इस बारे में पार्टी लोकसभा चुनाव के बाद उचित समय पर फैसला करेगी। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी को जितनी सीटें मिलेंगी उसी के आधार पर पीएम पद के उम्मीदवार का फैसला किया जाएगा। गडकरी ने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य बहुमत हासिल करना है।
भाजपा अध्यक्ष ने इस बात से इनकार किया कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोकसभा चुनाव से पहले राजग के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार की घोषणा करने का सुझाव दिया है। गडकरी ने कहा कि कुमार ने कभी भी इस तरह की बात नहीं कही। साथ ही उन्होंने गठबंधन के प्रमुख सहयोगी दल जद-यू से किसी तरह के मतभेद से भी इनकार किया।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के पीएम पद के उम्मीदवार के लिए भाजपा की पसंद होने के बारे में पूछे जाने पर गडकरी ने कहा कि वह भी इस दौड़ में शामिल हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि भाजपा में कई नेता हैं जो प्रधानमंत्री बनने के योग्य हैं। इन नेताओं में लालकृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह, मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी शामिल हैं।
गडकरी ने संचेती के साथ व्यावसायिक संबंधों का किया खंडन
भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने सांसद अजय संचेती के साथ किसी भी प्रकार के व्यवसायिक संबंधों को खारिज कर दिया है। गडकरी पर आरोप हैं कि उन्होंने विदर्भ क्षेत्र में सिंचाई परियोजना के ठेके के लिए भाजपा सांसद अजय संचेती के नाम की सिफारिश की थी। गडकरी ने एक निजी चैनल पर कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा, ‘वह चाहे तो राज्यसभा सदस्य संचेती के साथ उनके संबंधों की जांच करा ले। मगर साथ ही उसे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वाड्रा और डीएलएफ के बीच संबंध की भी जांच करानी चाहिए।’
भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि विदर्भ क्षेत्र में सिंचाई परियोजना में लगभग 300 ठेकेदार काम कर रहे हैं। उन्होंने इनमें से किसी के भी नाम की सिफारिश नहीं की और खराब काम के कारण कोई ठेकेदार ब्लैकलिस्ट किया जाता है तो उन्हें ऐतराज नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े एक व्यवसायी परिवार के संचेती पिछले तीन दशक से व्यवसाय में हैं।
उन्होंने कहा कि संचेती के साथ उनका किसी भी तरह का प्रत्यक्ष या परोक्ष व्यावसायिक नाता नहीं है। गडकरी ने कहा कि संचेती लगभग साल भर से ही राजनीति में हैं। मगर यह ठेका उन्हें पांच साल पहले महाराष्ट्र की कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की गठबंधन सरकार ने दिया था।