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पूर्व कृषि मंत्री सहित छह पर हत्या का मुकदमा दर्ज

Sun, 07 Oct 2012 11:56 PM IST
मथुरा/अमर उजाला ब्यूरो
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पूर्व मंत्री लक्ष्मीनारायण की मुश्किल बढ़ गई है। पुलिस मुखबिर संजीव सिकरवार की मौत के मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर करीब एक साल बाद पूर्व कृषि मंत्री चौ. लक्ष्मी नारायण सहित छह लोगों के खिलाफ रविवार को कोतवाली में हत्या, हत्या के सबूत नष्ट करने, जानलेवा हमला और षड्यंत्र रचने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।  
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संजीव के पिता शिवकुमार सिकरवार की तहरीर पर दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि उनका पुत्र संजीव सिकरवार उर्फ नेता धौली प्याऊ स्थित श्रीराम धर्मशाला में रहकर भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम में जुटा था। उसकी सूचना पर ही तेल माफिया मनोज अग्रवाल और छाता क्षेत्र में संचालित काले तेल के गोदामों को पकड़ा गया था। इससे तत्कालीन कृषि मंत्री चौ. लक्ष्मी नारायण और मनोज अग्रवाल उससे रंजिश रखते थे। छह अक्तूबर, 2011 को कृष्णानगर के शोरूम संचालक अजय, पूजा एंकलेव निवासी यशवीर सिंह ने संजीव को बैंक कालोनी बुलाकर उसे जान से मारने की धमकी दी थी।

शिवकुमार ने दर्ज तहरीर में कहा है कि 27 अक्तूबर, 2011 की सुबह 7:30 बजे ठाकुर रोहतान सिंह निवासी जैंत व दो अन्य व्यक्ति संजीव को रेलवे लाइन पर श्रीजी बाबा आश्रम एवं अमरनाथ विद्या आश्रम की ओर ले गए। आरोप है कि वहां अजय प्रताप, यशवीर सिंह, ठाकुर रोहतान सिंह व तीन अन्य ने मिलकर संजीव की हत्या कर दी और सबूत नष्ट करने के लिए शव रेलवे ट्रैक पर डाल दिया।
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घटनास्थल पर पहुंचे तत्कालीन चौकी प्रभारी कृष्णानगर ने संजीव से परिचित होने के बाद भी उसे पहचानने से इंकार कर दिया था और अज्ञात में पंचनामा भर दिया। शिवकुमार ने जब रिपोर्ट दर्ज कराने की बात कही तो उसे धमकाकर भगा दिया गया था। इसके बाद शिवकुमार ने हाईकोर्ट में शरण ली थी। शनिवार को पीड़ित पक्ष हाईकोर्ट के आदेश की कापी लेकर थाने पहुंचा था।

इनके खिलाफ है मुकदमा
मनोज अग्रवाल, पूर्व कैबिनेट मंत्री चौ. लक्ष्मी नारायण, अजय प्रताप, यशवीर सिंह, ठाकुर रोहतान सिंह व तत्कालीन कृष्णा नगर चौकी प्रभारी। कोतवाली सभी के खिलाफ धारा 302, 201, 120 बी, 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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