पांच राज्यों के चुनाव को लेकर एक्जिट पोल के नतीजों से उत्साहित भाजपा समेत एनडीए ने बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में यूपीए सरकार को महंगाई समेत विभिन्न मुद्दों पर घेरने का ऐलान किया है।
इसे 15वीं लोकसभा का अंतिम सत्र मान रही भाजपा ढाई दर्जन मुद्दों के साथ सरकार खासतौर पर कांग्रेस पर सियासी प्रहार करने की जा रही है।
लेफ्ट भी महंगाई समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब तलब करने की ऐलान कर चुका है।
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ऐसे में मात्र 12 बैठकों वाले इस सत्र के भी हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं। वैसे संसद का असली सियासी पारा सोमवार से चढ़ेगा, तब तक पांचों राज्यों के चुनाव नतीजे आ चुके होंगे।
यदि एक्जिट पोल सहीं साबित हो गए तो सरकार पर भाजपा पहले से ज्यादा आक्रामक हो जाएगी। लेकिन गलत साबित होने पर कांग्रेस को भाजपा खासतौर पर नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने का मौका मिल जाएगा।
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भाजपा ने वैसे भी संकेत दिया है कि महिला की जासूसी मामले पर यदि कांग्रेस नरेंद्र मोदी पर निशाना साधती है तो उसे उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा।
बुधवार सुबह भाजपा संसदीय दल के पदाधिकारियों तथा शाम को एनडीए की बैठक में तय किया गया कि महंगाई के साथ ही उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के मुद्दे को सबसे पहले संसद में उठाया जाएगा।
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लोकसभा का अंतिम सत्र
सरकार पर लोकपाल व अलग तेलंगाना के गठन को लेकर विधेयक पेश करने की मांग भी की जाएगी। एनडीए की बैठक के बाद पार्टी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि इस लोकसभा का चूंकि यह अंतिम सत्र है, इसलिए विपक्ष की कोशिश रहेगी कि संसद चले, लेकिन संसद चलाने की पहली जिम्मेदारी सरकार की है।
उठाए जाएंगे कोलगेट समेत भ्रष्टाचार के मुद्दे
उन्होंने कहा कि सुरक्षा, आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं से लेकर कोलगेट समेत भ्रष्टाचार के मुद्दे भी उठाए जाएंगे। भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के आवास पर हुई इस बैठक में राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली, शिव सेना से अनंत गीते व संजय राउत, शिरोमणि अकाली दल से रतन सिंह अजनाला व नरेश गुजराल व हरियाणा जनहित कांग्रेस के कुलदीप विश्नोई भी शामिल हुए।