जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में भारतीय सैनिकों की शहादत पर 'हल्का' बयान देने से फंसे रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने गुरुवार को आखिर बयान बदल दिया।
एंटनी ने कहा, 'यह हमला पाकिस्तानी सेना ने किया था। पाक के समर्थन के बिना कुछ भी मुमकिन नहीं है। भारतीय सैनिकों पर हुए इस बर्बर हमले में पाक का सीधा हाथ है।'
अब यह साफ हो चुका है कि पाकिस्तानी फौज का विशेष दस्ता इस हमले में शामिल रहा। हम सभी जानते हैं कि सरहद पर पाकिस्तान की तरफ से कोई भी हरकत फौज के शामिल होने के बिना नहीं हो सकती।
इसके बाद लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने इस बयान पर खुशी जताते हुए कहा कि ऐसी गलती दोबारा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा, 'मैं आभार व्यक्त करती हूं कि जो गलती उन्होंने की थी, उसे ठीक कर लिया गया है।'
इससे पहले मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने सत्र शुरू होते ही राज्यसभा से वॉकआउट कर दिया। भाजपा की मांग है कि इस मामले में एंटनी को माफी मांगनी चाहिए और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को बयान देने के लिए खुद आगे आना चाहिए।
'वार्ता का कोई औचित्य नहीं'
हालांकि भाजपा ने सरकार से दो टूक कहा है कि ऐसे माहौल में पाकिस्तान के साथ वार्ता को कोई औचित्य नहीं है। पार्टी प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि इस मसले पर सरकार की ओर से गलती मान लेने से कांग्रेस का यह आरोप भी खारिज हो गया है कि भाजपा इस मुद्दे पर राजनीति कर रही थी।
उन्होंने कहा कि विपक्षी दल होने के नाते भाजपा सरकार को गलती सुधारने के लिए कह रही थी। उन्होंने कहा कि भाजपा अपने दायित्व को निभा रही थी।
उन्होंने कहा कि जवानों की शहादत पर सरकार के उस बयान पर भाजपा को आपत्ति थी, जिसमें पाकिस्तान को क्लीन चिट दी गई थी, लेकिन अब रक्षा मंत्री ने यह गलती सुधार ली है। सरकार की यह गलती देश के लिए घातक थी।
हालांकि, कांग्रेस साफ कर चुकी है कि एंटनी इस मामले में कोई माफी नहीं मांगेंगे। बुधवार को कांग्रेसी नेता राजीव शुक्ला ने साफ कर दिया था कि रक्षा मंत्री के माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता।
इस बीच जम्मू-कश्मीर के पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर गश्त लगा रहे पांच जवानों की हत्या के बाद ही मंगलवार को मिलिट्री ऑपरेशन महानिदेशक (डीजीएमओ) ने पाकिस्तान के अपने समकक्ष से फोन पर बात कर कड़ा विरोध दर्ज कराया।
इसके बाद बुधवार को भी दोनों देशों के डीजीएमओ ने एक बार फिर फोन पर बात की। इस बार पाकिस्तान ने उल्टा भारत पर ही सीजफायर के लगातार उल्लंघन का आरोप जड़ते हुए इस हमले से सीधा इंकार कर दिया।