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सीनियर नेताओं के हमले पर क्या बोली भाजपा?

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भाजपा ने बिहार चुनाव के मुद्दे पर अपनी पार्टी के बुजुर्गों के हमले का बचाव किया है। गेंद को सीनियर नेताओं के पाले में डालते हुए पार्टी ने कहा है कि खुद अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी चुनाव में जीत और हार की सामूहिक जिम्मेदारी लेकर एक स्वस्थ उदाहरण पेश करते रहे हैं।
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आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा और शांता कुमार की ओर से पार्टी की हार पर बयान जारी करने के ठीक बाद भाजपा ने कहा कि वह निश्चित तौर पर अपने सीनियर नेताओं के सुझावों और सलाह का स्वागत करेगी। भाजपा की ओर से यह बयान वरिष्ठ मंत्रियों राजनाथ सिंह, वेंकैया नायडू और नितिन गडकरी ने जारी किया है। तीनों पार्टी के अध्यक्ष रह चुके हैं।

भाजपा के बयान में कहा गया है कि पार्टी खुद को खुशकिस्मत समझती है कि दशकों तक इसका नेतृत्व अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी ने किया। इन लोगों ने चुनावी जीत और हार की सामूहिक जिम्मेदारी लेने की परंपरा कायम कर एक स्वस्थ उदाहरण पेश किया है। पार्टी अपने सीनियर नेताओं के सुझावों का निश्चित तौर पर स्वागत करेगी।
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क्या कहा था आडवानी और जोशी ने?

बिहार चुनावों में बीजेपी को मिली करारी हार को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव की अगुवाई करने वाले बीजेपी नेताओं पर तंज कसते हुए उन्हें इस हार के लिए जिम्मेदार ठहराया था।

बीजेपी के दिग्गज नेताओं लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, शांता कुमार और यशवंत सिन्हा ने एक साझा बयान जारी कर कहा कि सरकार ने दिल्ली विधानसभा में मिली हार से कुछ नहीं सीखा।

अपने बयान में उन्होंने कहा, 'इस हार के लिए सभी लोग जिम्मेदार हैं कहकर यह सुनिश्चित किया गया कि इस हार के लिए कोई जिम्मेदार नहीं है।' उन्होंने आगे कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में मिली हार के कारणों का विस्तार से विश्लेषण की जरूरत है।
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हुई थी समीक्षा बैठक

साझा रूप से जारी किए गए इस बयान में यह भी कहा गया कि इस हार के पीछे मुख्य कारण यह भी है कि कैसे पार्टी पिछले साल से कम ताकतवर हो गई है। पहले जो लोग पार्टी की जीत का श्रेय लेते थे वही पार्टी की इस स्थिति के लिए जिम्मेदार है और चुनाव में मिली हार का विशलेषण चुनाव से जुड़े लोग कैसे कर सकते हैं?

गौरतलब है कि बिहार चुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी ने संसदीय दल की बैठक बुलाई थी जिसमें हार के कारणों की समीक्षा की गई थी। इस बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने हार के कारणों की समीक्षा का विवरण पत्रकारों के सामने रखा था जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को हार के लिए जिम्मेदार मानने से साफ इनकार कर दिया था।
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