भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी द्वारा भारतीय सैनिकों के साथ पाक की बर्बरता के मामले को संयुक्त राष्ट्र ले जाने की वकालत करने के बाद बुधवार को पार्टी ने उनके रुख से असहमति जताई। गडकरी के बयान से बिल्कुल उलट भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने साफ कर दिया कि हमें किसी के पास जाने की जरूरत नहीं है।
गडकरी ने मथुरा में दिए एक बयान में कहा था कि मुझे उम्मीद है कि सरकार इस मामले को संयुक्त राष्ट्र के समक्ष उठाएगी। हमें इस मुद्दे को पाकिस्तान पर दबाव बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहिए।
भाजपा नेता सुषमा स्वराज और अरुण जेटली के साथ बैठक के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन ने भी इस मामले का अंतरराष्ट्रीयकरण किए जाने पर असहमति जताई थी। सूत्रों के अनुसार जेटली ने मेनन को साफ कह दिया था कि गडकरी के बयान का गलत मतलब निकाला गया होगा, क्योंकि इस मुद्दे पर पार्टी का स्टैंड भी यही है कि मामले को यूएन न ले जाया जाए।
वहीं भाजपा ने पड़ोसी देश को कड़ा सबक सिखाने की मांग दोहराई है। जावडेकर ने प्रधानमंत्री से कहा कि यह समय बयानबाजी का नहीं, बल्कि पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का है। जावडेकर के अनुसार अब समय आ चुका है जब पाकिस्तान से साफ कहना होगा कि बहुत हो गया है। प्रधानमंत्री को चाहिए कि वे तीनों सेनाध्यक्षों को बुलाकर इस मुद्दे पर उनसे विचार-विमर्श करें।