फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

और रोमांचक हुई काशी की जंग, नीतीश के दांव से चकराई भाजपा

विज्ञापन
विज्ञापन
कुर्मी बहुल इलाकों में सेंध अरविंद केजरीवाल को समर्थन देकर नीतीश कुमार ने भाजपा के एकमुश्त वोट बैंक माने जा रहे कुर्मी बहुल इलाकों में सेंध लगा दी है।
विज्ञापन


इस सियासी दांव से नीतीश कुमार मोदी से राजनीतिक हिसाब बराबर करने के साथ ही बिहार के मतदाताओं खासकर मुस्लिमों को संदेश देना चाह रहे हैं कि वे भविष्य में भी भाजपा के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे।

जदयू के इस फैसले से वाराणसी के जातीय सियासत में खासी सरगमी आ गई है।

बिहार का हिसाब वाराणसी में चुकाएंगे नीतीश

नरेंद्र मोदी व नीतीश कुमार के बीच सियासी जंग जगजाहिर है। मोदी से विरोध के चलते ही नीतीश कुमार ने एनडीए से नाता तोड़ा था।

मोदी ने भी लगातार नीतीश सरकार पर हमले करके लोकसभा चुनाव में जदयू को मुख्य मुकाबले से लगभग बाहर कर दिया है।

बिहार में नीतीश को समर्थन करने वाले मुस्लिमों तथा पिछड़ों का एक बड़ा वर्ग फिर से लालू यादव के पास लौट गया है, जबकि सवर्ण भाजपा के साथ हैं। नीतीश बिहार का हिसाब मोदी से अब वाराणसी में चुकता करेंगे।

वाराणसी में सवा दो लाख कुर्मी मतदाता

मोदी के लिए पहले से ही सिरदर्द बने अरविंद केजरीवाल को समर्थन देकर नीतीश ने लड़ाई को और रोमांचक बना दिया है। वाराणसी में केजरीवाल को समर्थन के मुद्दे पर शरद यादव से गहरे मतभेद के बाद भी नीतीश ने यह फैसला लिया है।

वाराणसी में सवा दो लाख कुर्मी मतदाता हैं। दल का इन पर खासा प्रभाव है। वाराणसी में कुर्मी वोटों की ही खातिर भाजपा ने अपना दल से उत्तर प्रदेश में समझौता किया है।

अपना दल के संस्थापक सोनेलाल पटेल की बेटी अनुप्रिया पटेल मोदी के समर्थन में वाराणसी में प्रचार भी कर चुकी हैं।

मुस्लिम मतों पर भी पड़ेगा असर

निसंदेह नीतीश कुमार आज कुर्मियों के देश में सबसे बड़े नेता माने जाते हैं। उनके सीधे अरविंद केजरीवाल के समर्थन में आ जाने से वाराणसी में कुर्मी मतों का विभाजन तय है। यह मोदी के लिए एक बड़ा झटका है।

नीतीश के इस फैसले का असर वाराणसी में मुस्लिम मतों पर भी पड़ेगा। केजरीवाल के मजबूत होते ही मुस्लिम मतदाता कांग्रेस के बजाय केजरीवाल के पक्ष में गोलबंद हो सकते हैं।

यद्यपि कांग्रेस प्रत्याशी अजय राय को मुख्तार अंसारी की ओर से समर्थन देने के बाद कुछ भ्रम की स्थिति है। लेकिन अजय राय के पुराने भाजपाई कनेक्शन को देखते हुए मुस्लिम मतदाता का उन्हें समर्थन मिलना तय नहीं है।
विज्ञापन

केजरीवाल के समर्थन पर जद (यू) में मतभेद

वाराणसी में अरविंद केजरीवाल को समर्थन देने के सवाल पर जनता दल (यूनाइटेड) बंटी हुई दिख रही है। बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख वशिष्ठ नारायण सिंह ने कहा है कि केजरीवाल को समर्थन देने की सार्वजनिक घोषणा करने से पहले पार्टी के भीतर सलाह-मशविरा करना चाहिए थे।

जनता दल यूनाइटेड के महासचिव के.सी. त्यागी की ओर से वाराणसी में आम आदमी पार्टी को समर्थन देने घोषणा से दूरी बनाते हुए सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर पार्टी में और चर्चा जरूरी थी।

बिहार में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रमुख सिंह का कहना था कि उन्होंने इस मुद्दे पर पार्टी के अध्यक्ष शरद यादव से बात की थी लेकिन लगता है कि वह भी पार्टी के इस फैसले से अनजान हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें