बीफ को लेकर केंद्र, में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की सियासत चाहे जो हो लेकिन जब बात पैसे की हो, तो इस पार्टी को बीफ निर्यात करने वाली कंपनी से भी चंदा लेने में कोई आपत्ति नहीं है।
ये सारी जानकारी चुनाव आयोग की वेबसाइट पर मौजूद है, बीजेपी ने चुनाव आयोग को चंदा देने वालों की जो सूची दी है, उसके अनुसार साल 2014-15 में बीफ निर्यात करने वाली महाराष्ट्र की कंपनी फ्राइगोरीफिको अल्लाना प्राइवेट लिमिटेड ने 50 लाख रुपए का चंदा दिया है।
कंपनी ने यह रक़म चेक (विजया बैंक, चेक नंबर- 846317) के माध्यम से दी है। महाराष्ट्र की यह कंपनी 1986 में रजिस्टर्ड हुई है, इस कंपनी के चार निदेशकों में दिल्ली के सिराज महमूद और महाराष्ट्र के रफीक रज्जाक पटेल, इस्माइल ग़नी मोहम्मद और मोइज़ मंसूर चूनावाला के नाम शामिल हैं।
कई कंपनियों से लिया करोड़ों का चंदा
इससे पहले भी यह कंपनी साल 2013-14 (जिस साल आम चुनाव हुए थे) में 75 लाख का चंदा दे चुकी है। यही नहीं, मुंबई के जिस पते से यह चंदा दिया गया है, उसी पते से दूसरी कंपनी इनडाग्रो फ़ूड्स लिमिटेड ने भी 75 लाख रुपए का चंदा बीजेपी को दिया है।
इसके अलावा एक तीसरी कंपनी फ्राइगेरियो कॉनवेरवा अल्लाना लिमिटेड ने भी इसी साल पार्टी को 50 लाख रुपए का चंदा दिया है। इनडाग्रो फ़ूड्स लिमिटेड भी बीफ़ मीट निर्यात करने का काम करती है, इनडाग्रो फ़ूड्स लिमिटेड के तीन डायरेक्टर्स में जयप्रकाश नंदलाल अटल, लेनस फ्रांसिस और इरशाद अहमद के नाम शामिल हैं।
वहीं फ्राइगेरियो कॉनवेरवा अल्लाना लिमिटेड का नाम कॉरपोरेट मंत्रालय द्वारा रजिस्टर्ड कंपनियों की सूची में शामिल नहीं है। चंदा लिए जाने की बात पर बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा कहते हैं, ''इस पर मैं अभी कुछ नहीं बोल पाऊंगा, क्योंकि पता भी नहीं है कि कौन ले रहा है, क्या ले रहा है।'
भाजपा प्रवक्ता ने कहा हमें कोई जानकारी नहीं
वहीं प्रवक्ता नलिन कोहली का भी कहना है कि उनके पास इसकी कोई जानकारी नहीं है। रिप्रेज़ेंटेशन ऑफ़ पीपुल्स एक्ट (1951) में वर्ष 2003 में एक संशोधन के तहत यह नियम बनाया गया है कि सभी राजनीतिक दलों को धारा 29(सी) की उपधारा-(1) के तहत फ़ॉर्म 24(ए) के माध्यम से चुनाव आयोग को यह जानकारी देनी होगी कि उन्हें हर वित्तीय साल के दौरान किन-किन व्यक्तियों और संस्थानों से कुल कितना चंदा मिला।
राजनीतिक दलों को इस नियम के तहत 20 हज़ार से ऊपर के चंदों की ही जानकारी देनी होती है। बीजेपी को साल 2014-15 में कुल 437.35 करोड़ रुपए का चंदा मिला है, जो 2013-14 की तुलना में 156% ज़्यादा है, साथ ही किसी भी राष्ट्रीय पार्टी को मिलने वाली रक़म में सबसे अधिक है।
इससे पूर्व भी यह पार्टी भोपाल गैस त्रासदी की ज़िम्मेदार यूनियन कार्बाइड के वर्तमान मालिक डाओ केमिकल्स से चंदा लेकर विवादों में रही थी। डाओ केमिकल्स ने बीजेपी को साल 2006-07 में एक लाख रुपये का चंदा (सिटी बैंक की ड्राफ़्ट संख्या 9189 के ज़रिए) दिया था।