आर्थिक सुधारों से जुड़े बिलों के संसद में पारित होने से पूरी तरह नाउम्मीद हो चुकी सरकार और भाजपा ने अब कांग्रेस के साथ संसद और सड़क पर सियासी लड़ाई लड़ने का मन बना लिया है। इस क्रम में पार्टी जीएसटी, रियल स्टेट बिल के साथ-साथ नेशनल हेराल्ड मसले पर संसद में कांग्रेस को अलग-थलग करने के बाद सड़क पर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोलेगी।
संसदीय दल की बैठक में सांसदों को सत्र के बाद इन मुद्दों पर कांग्रेस के खिलाफ अपने अपने संसदीय क्षेत्र में मोर्चा खोलने का निर्देश दिया गया। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने वरिष्ठ नेताओं राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, वैंकेया नायडू के साथ चर्चा कर संसद और सड़क पर कांग्रेस को घेरने की रणनीति तैयार की। कांग्रेस को अलग-थलग करने की रणनीति के तहत भी जीएसटी पर सरकार के रणनीतिकारों ने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों का एक बार और मन टटोलेगी।
सरकार के रणनीतिकारों का मानना है कि इस समय नेशनल हेराल्ड पर अपने रुख सहित संसद में कार्यवाही ठप करने की रणनीति के कारण कांग्रेस बुद्घिजीवियों, मीडिया सहित युवा वर्ग के निशाने पर है। ऐसे में कांग्रेस पर सियासी हमला बोलने का यह सही अवसर है।