भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी के कारोबारी सौदों को लेकर उठे विवाद से खुद को पहले ही दूर कर चुके राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने रविवार को कहा कि पार्टी अध्यक्ष के तौर पर उनके दूसरे कार्यकाल पर फैसला भाजपा को करना है।
संघ के महासचिव सुरेश जोशी ने केलंबक्कम में राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की तीन दिवसीय बैठक के समापन के मौके पर मीडिया से बातचीत में कहा कि यह आरएसएस का मुद्दा नहीं है। राजनीतिक दलों की अपनी खुद की व्यवस्था होती है। इसमें संघ को भूमिका नहीं निभा रहा है।
जोशी से पूछा गया था कि क्या आरएसएस गडकरी को दूसरा कार्यकाल दिए जाने का समर्थन करेगा। गौरतलब है कि दो दिन पूर्व संघ ने इस मामले से खुद को अलग करते हुए कहा था कि कानून को अपना काम करना चाहिए। साथ ही संघ ने कहा था कि उसके मन में किसी के लिए खास जगह नहीं है।
जोशी ने बताया कि बैठक में गडकरी के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। भ्रष्टाचार के खिलाफ आरएसएस के रुख को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा अध्यक्ष के ऊपर लगे आरोपों की विस्तृत जांच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि गडकरी के ऊपर आरोप साबित नहीं हुए हैं।
गडकरी के खिलाफ संघ की ओर से जांच किए जाने के बारे में पूछे जाने पर जोशी ने कहा कि संगठन में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के बारे में पूछे गए सवाल को जोशी टाल गए। उन्होंने बस इतना कहा कि यह संघ का मामला नहीं है। कर्नाटक और तमिलनाडु के बीच कावेरी जल बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दे रखा है और इस पर अमल होना चाहिए।