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यूपी में मोदी के सहारे भाजपा को 45 सीटों की आस

Tue, 16 Apr 2013 09:18 AM IST
नई दिल्ली/हरीश लखेड़ा
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नीतीश कुमार के तीखे तेवरों के बावजूद भाजपा नरेंद्र मोदी के पक्ष में खड़ी दिख रही है। मिशन 2014 के लिए मोदी को लेकर भाजपा इतनी आगे बढ़ चुकी है कि अब उसके लिए हाथ पीछे खींचना आसान नहीं है।
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खासतौर पर पार्टी कार्यकर्ता मोदी के पक्ष में लामबंद हो चुके हैं। खुद भाजपा भी मोदी को आगे कर उत्तर प्रदेश में 80 में से 45 सीटें जीतने की उम्मीद पालने लगी है।

वैसे नीतीश की अटल बिहारी वाजपेयी जैसे धर्मनिरपेक्ष छवि के नेता को एनडीए की ओर से पीएम पद का उम्मीदवार बनाने की मांग ने भाजपा के कई अन्य नेताओं भी उम्मीदें जगा दी हैं। पार्टी के भीतर से ही वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के पक्ष में सुर फिर से उठने लगे हैं।
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यशवंत सिन्हा ने आडवाणी की पीएम पद की उम्मीदवारी का राग अलापना शुरू कर दिया है, जबकि 2009 के चुनाव परिणाम से सबक लेते हुए भाजपा अब आडवाणी के नाम पर दोबारा दांव लगाने के पक्ष में नहीं है।

आडवाणी के अलावा भाजपा में राजनाथ सिंह, सुषमा स्वराज, अरुण जेटली से लेकर मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं की लंबी कतार है, जो नीतीश के धर्मनिरपेक्ष खांचे में फिट बैठते हैं, लेकिन इस बार भाजपा में मोदी को लेकर कार्यकर्ता इतने आक्रामक हैं कि वे शायद ही केंद्रीय नेतृत्व की सुनने को तैयार होंगे। जद-यू से तल्ख होते रिश्तों के बीच मोदी ने भी कार्यकर्ताओं से फिलहाल शांत रहने को कहा है।

बदले सियासी माहौल के बाद भाजपा भले ही मोदी का नाम पीएम पद के उम्मीदवार के तौर पर घोषित न करे, लेकिन उन्हें संसदीय बोर्ड में जगह देकर पार्टी अपना इरादा पहले ही जता चुकी है। पार्टी का आकलन है कि मोदी को आगे करने से लोकसभा चुनाव में देशभर में उसे भारी लाभ हो सकता है। इसलिए पार्टी ने अभी से लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है।

उम्मीदवारों के चयन के लिए राज्यों की कोर कमेटियों के साथ बैठक शुरू कर दी गई हैं। पहली बैठक उत्तर प्रदेश की कोर कमेटी के साथ मंगलवार को दिल्ली में है। इसमें तमाम तैयारी के साथ ही मोदी को आगे रखने से होने वाले नफा-नुकसान पर मंथन होगा।
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