भाजपा राज्यों में नए नेतृत्व और नई रणनीति अपनाएगी। खास तौर पर उन राज्यों में अगले एक-दो वर्षों में सरकार का नेतृत्व बदलेगा, जहां पार्टी लगातार चुनाव जीत रही है। इस पर अमल हुआ तो मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकार की कमान नए हाथों में दी जा सकती है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में राज्यों की रिपोर्टिंग के दौरान विभिन्न राज्यों की वर्तमान राजनीतिक स्थिति का व्यापक विश्लेषण किया गया। माना जा रहा है कि दक्षिण भारत में पार्टी नेतृत्व एक बार फिर से पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा पर भरोसा जता सकता है।
येदियुरप्पा ने इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को संगठन की कमान मिलने पर विधानसभा में हर हाल में जीत दिलाने की गारंटी भी दी है। बैठक में व्यापक विचार विमर्श के बाद टीएमसी सांसद मुकुल राय को पार्टी में न लेने का फैसला किया है।